29 मार्च को दशहरा मैदान पर आयोजित नगर निगम के भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन (सत्तन गुरु) के साथ हुई कथित अपमानजनक घटना अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। सत्तन गुरु की बेटी कनुप्रिया सत्तन, जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई हैं, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कनुप्रिया सत्तन ने अपने पत्र में लिखा है कि यह घटना न केवल उनके पिता के साथ अपमानजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध भी है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम में अनावश्यक विवाद पैदा करने की सोची-समझी चाल बताया है। कनुप्रिया ने पत्र में उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए तैयार की गई मंच अतिथि सूची में सत्यनारायण सत्तन का नाम पूर्व निर्धारित रूप से शामिल था। कार्यक्रम स्थल पर उनकी नामांकित सीट से नाम की स्लिप हटाए जाने की घटना जानबूझकर की गई कार्रवाई प्रतीत होती है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास लगता है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अनावश्यक विवाद और व्यवधान उत्पन्न करना था। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम एक मुख्यमंत्री-विरोधी मंत्री के इशारे पर किया गया बताया जा रहा है, जिससे राजनीतिक असहजता पैदा हो सके। उन्होंने यह भी लिखा कि सत्तन गुरु ने वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर संगठन, विचारधारा और राष्ट्रहित के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पत्र में कनुप्रिया ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है। क्या हुआ था दशहरा मैदान पर? 29 मार्च को नर्मदा चौथे चरण से जुड़े बड़े सरकारी कार्यक्रम में मंच पर 69 अतिथियों की सूची तैयार की गई थी। सूची में सत्तन जी का नाम 26वें नंबर पर था और उनकी कुर्सी भी लगाई गई थी। लेकिन मंच पर पहुंचते ही एक कार्यकर्ता ने उन्हें रोक लिया और कहा कि सूची में नाम नहीं है। नाम की स्लिप गायब थी। इससे आहत होकर सत्तन गुरु कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वापस लौट गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। भाजपा का डैमेज कंट्रोल, कांग्रेस का हमला घटना के अगले दिन भाजपा इंदौर शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सत्तन गुरु के घर पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में लंबी बातचीत की और कहा, “सत्तन गुरु हमारे मार्गदर्शक हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम 25 बार माफी मांग लेंगे।” महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी व्यक्तिगत रूप से फोन कर खेद जताया और गलती से पर्ची न लग पाने की बात कही। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मौके को भुनाया। कांग्रेस के जिला सेवादल कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल, ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश जोशी और अन्य नेताओं ने सत्तन गुरु के घर पहुंचकर उन्हें तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया और भाजपा पर तीखा हमला बोला। कौन हैं सत्तन गुरु और कनुप्रिया? सत्यनारायण सत्तन इंदौर की राजनीति के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश खाद्य एवं ग्रामोद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर के कवि के रूप में भी उनकी पहचान है। उनकी बेटी कनुप्रिया सत्तन दिल्ली में पत्रकारिता कर चुकी हैं। फरवरी 2026 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कनुप्रिया के कांग्रेस में शामिल होने के समय भी काफी चर्चा हुई थी। .