हनुमान जन्मोत्सव- ग्वालियर और रतलाम में सोने-चांदी से चोला शृंगार: छतरपुर में अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण – Madhya Pradesh News


आज हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्वालियर के रोकड़िया महाराज को चांदी की पोशाक पहनाई गई। इसकी कीमत करीब 1 लाख रुपए है। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से शृंगार किया गया। इसके अलावा छतरपुर में अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया। इसे बनाने में 7 साल लगे हैं। पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा गुरुवार को हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आ रही है। कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। इस शुभ संयोग में साधु-उपासक हनुमान की कृपा के लिए अलग-अलग धार्मिक अनुक्रम करेंगे। गुरुवार का दिन विशेष माना जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु से संबंधित है और श्री राम उनके अवतार माने जाते हैं। इस दिन पूर्णिमा, गुरुवार और हस्त नक्षत्र का संयोग प्रबल माना जाता है। इस दिन की गई हनुमान जी की साधना ग्रह पीड़ा से मुक्ति दिलाती है। एमपी के प्रमुख हनुमान मंदिरों के बारे में जानिए भोपाल: खेड़ापति हनुमान मंदिर- मनोकामना शिला पर लिखते हैं इच्छाएं करोंद स्थित 45 साल पुराने खेड़ापति हनुमान मंदिर की विशेषता यह है कि भूतल पर एक मनोकामना शिला (इच्छा-पुकारने का पत्थर) है, जहां भक्त अपनी इच्छाएं लिखते हैं। यहां आज भंडारा, अखंड रामायण पथ (निरंतर जप) और सुबह, शाम आरती होगी। यहां खेड़ापति लोक भी बनाया जाना है। इंदौर: पितरेश्वर हनुमान मंदिर (पितृ पर्वत)- देश की सबसे ऊंची बैठी हुई हनुमान प्रतिमा इंदौर का प्रमुख आकर्षण है। बिजासन रोड पर पितृ पर्वत स्थित यह मंदिर दूर से दिखाई देता है। यहां अष्टधातु की बैठी हुई हनुमान प्रतिमा है, जो देश की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में मानी जाती है (करीब 72-108 फीट, वजन 108 टन)। यह पितर दोष निवारण और पितरों की शांति के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर शांत वातावरण और पर्यटन स्थल के रूप में भी लोकप्रिय है। शाम को लाइट शो होता है। इंदौर: रणजीत हनुमान मंदिर- प्रतिमा ढाल और तलवार लिए युद्ध मुद्रा में इंदौर के फूटी कोठी रोड गुमास्ता नगर में यह प्राचीन और चमत्कारी मंदिर विजय और संकट मोचन के लिए जाना जाता है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा ढाल और तलवार के साथ युद्ध मुद्रा (रणजीत रूप) में है। अहिरावण उनके पैरों में है। यह दुनिया का इकलौता मंदिर माना जाता है जहां हनुमान जी इस रूप में विराजमान हैं। 1907 के आसपास स्थापित यह मंदिर परीक्षा, मुकदमा या चुनौती से पहले आशीर्वाद के लिए प्रसिद्ध है। मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ लगती है और प्रभात फेरी निकलती है। मंदिर में केसरिया महल बनाया जा रहा है, जहां बाबा रणजीत दर्शन देंगे। आज दिनभर भजन होंगे। जबलपुर: अर्जी वाले हनुमान- अर्जी लेकर आते हैं भक्त जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित 100 वर्ष पुराने अर्जी वाले हनुमान मंदिर में आसपास के जिलों से श्रद्धालु आते हैं। भक्त अपनी मन्नतें नारियल में बांधकर लटकाते हैं। यहां साल में एक बार मिलने वाले ‘बाल रूप’ के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं। ग्वालियर: मंशापूर्ण हनुमान- 26 साल से अखंड रामायण पाठ ग्वालियर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे 300 साल पुराने मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में मान्यता है कि यहां मांगी हर मनोकामना पूरी होती है। यहां 26 साल से अखंड रामायण पाठ चल रहा है। आज दिनभर भक्तों की भीड़ रहेगी। हनुमान जन्म के बाद चोला चढ़ाकर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन होंगे। 56 भोग लगाया जाएगा। सुबह मेले लगेंगे और भंडारे होंगे। उज्जैन: गेबी हनुमान मंदिर- यहां हिंगलू और चमेली के तेल से होता है शृंगार उज्जैन के ढाबा रोड स्थित गेबी हनुमान की मूर्ति चमत्कारिक मानी जाती है। यहां हनुमानजी का शृंगार सिंदूर की जगह हिंगलू (लाल रंग) और चमेली के तेल से होता है। गुड़-चना चढ़ाने की मान्यता है। काला धागा हनुमान जी को स्पर्श कर दिया जाता है, जिससे बुरी बला से मुक्ति और अस्वस्थ लोगों को लाभ मिलता है। खासकर बच्चों को पहनाया जाता है। भिंड: दंदरौआ सरकार- यहां डॉक्टर के रूप में पूजते हैं भिंड जिले का डॉक्टर हनुमान मंदिर, जिसे दंदरौआ सरकार धाम कहा जाता है। यहां हनुमानजी को डॉक्टर रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां आने से गंभीर बीमारी में भी राहत मिलती है। दंदरौआ धाम में चोला शृंगार, भजन-पूजन और भंडारे होते हैं। 24 घंटे में 1 से 1.5 लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं। सागर: परेड वाले हनुमानजी- सैनिक रूप में विराजमान हैं सागर के छावनी इलाके में परेड मंदिर है। यहां मूंछों वाले हनुमान विराजमान हैं। माना जाता है कि यहां हनुमान सैनिक रूप में हैं। कहा जाता है कि एक सैनिक, जो हनुमान भक्त था, परेड छोड़कर मंदिर आ गया। तभी कर्नल ने हाजिरी लगाई और हनुमान ने सैनिक रूप में हाजिरी दी। भोपाल में बसों के रूट बदले रहेंगे यातायात पुलिस के अनुसार, शाम 4 बजे से हलालपुर बस स्टैंड से चलने वाली बसें नादरा नहीं जाएंगी और वहीं से संचालित होंगी। नादरा से विदिशा-बैरसिया रूट की बसें बेस्ट प्राइस तक सीमित रहेंगी। जुलूस के दौरान सभी प्रकार के व्यावसायिक, लोक परिवहन, भारी, अनुमति प्राप्त और सवारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। इससे पुराने शहर में यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि लालघाटी से वीआईपी रोड जैसे वैकल्पिक मार्ग अपनाएं, ताकि जाम से बचा जा सके। भंडारों के चलते पुराने और नए भोपाल के कई इलाकों में स्थानीय ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। .

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