ये लड्डू गर्मी का सुपरफूड, बिन गुड़-चीनी की मिठाई, इसके स्वाद के आगे काजू कतली भी फीकी!

Chhatarpur Mahua Sweets. छतरपुर में महुआ पेड़ बड़ी संख्या में हैं. अप्रैल महीना शुरू है. ऐसे में जिले में महुआ फल आने शुरू हो गए हैं. इस महुआ फल से बहुत सी डिशेज भी बनाई जाती हैं. इन्हीं डिशेज में से एक है महुआ लड्डू, जिसे आप घर बैठे बना सकते हैं. लेकिन, छतरपुर के जितेंद्र के हाथों बनी महुआ मिठाई आपको दीवाना बना देगी. दरअसल, छतरपुर के जीतेंद्र वाजपेयी महुआ लड्डू बनाते हैं, साथ ही ऑनलाइन बेचते भी हैं. इनकी मिठाई महंगी है, लेकिन सेहत के लिए बेस्ट है. बिना चीनी-गुड़ के इसका स्वाद गजब है. जानें कैसे…

लड्‌डू, बर्फी भी बनाई
छतरपुर में महुआ पेड़ खास माना जाता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में आज भी महुआ फूल से अनेक तरह की डिशेज बनाई जाती हैं. साथ ही महुआ को बाजार में भी महंगे दामों में बेचा जाता है. छतरपुर में महुआ फूल की डुबरी और मुरका तो सालों से खूब खाए जाते हैं. लेकिन बिजावर के रहने वाले जीतेंद्र ने महुआ फूल से ऐसे फूड बनाए, जिसकी डिमांड छतरपुर जिले में ही नहीं बल्कि देशभर में है. दरअसल, जीतेंद्र महुआ फूल से विभिन्न तरह के मीठा-मिष्ठान बनाते हैं. जीतेंद्र ने महुआ से बर्फी और लड्डू भी तैयार किए हैं.

फूल गिरने से पहले काम का
जीतेंद्र बताते हैं हमारे यहां महुआ तो सालों पुराने समय से हैं, लेकिन लोग आज भी सही से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. हम देखते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग सुबह-सुबह महुआ फूल बीनने जाते हैं, लेकिन वह जमीन में गिरे हुए फूल बीनते हैं. इन गिरे हुए फूलों में उतना रस नहीं रहता है, जितना गिरने के पहले होता है. ग्रामीण लोग महुआ की डुबरी या मुरका बनाकर खाते हैं. साथ ही मार्केट में भी बेच लेते हैं, लेकिन हमनें महुआ को अलग तरीके से ब्रांड किया. हमने महुआ से मिठाई बनाने की सोची. इसे मार्केट में बेचने का आइडिया आया और आज सिर्फ छतरपुर ही नहीं बल्कि इसे ऑनलाइन भी डिलीवर करते हैं.

महुआ फूल तोड़ने का यूनिक तरीका
जीतेंद्र बताते हैं, हमने सबसे पहले महुआ तोड़ने का स्मार्ट तरीका अपनाया. हमने महुआ फूल को जमीन में ही नहीं गिरने दिया. पेड़ के नीचे नेट टांग देते हैं, ताकि महुआ फूल जमीन पर न गिरे. इसका फायदा ये है कि महुआ फूल का रस जमीन में गिरकर बर्बाद नहीं होता है. महुआ फूल इतना मीठा होता है कि इसकी मिठाई बनाने में अलग से गुड़ या शक्कर डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती है. हमने महुआ से कई तरह के फूड प्रोडक्ट बनाए हैं. लेकिन, महुआ की मिठाई बहुत खास तरीके से बनाई है.

महुआ लड्‌डू की खासियत
जीतेंद्र ने आगे बताया, आपने मोतीचूर, बेसन, मूंग लडडू खाए होंगे, लेकिन महुआ लड्डू नहीं खाया होगा. ये लड्डू हमने खास रेसिपी से तैयार किया है. महुआ लड्डू को बगैर गुड़-शक्कर से तैयार किया है. महुआ लड्डू को तैयार करने के लिए महुआ फूल, शुद्ध घी, दूध और ड्राई फ्रूट्स की जरूरत होती है. महुआ लड्डू में 30 परसेंट ड्राई फ्रूट्स डालते हैं.

800 रुपये किलो रेट
जीतेंद्र बताते हैं कि महुआ कतली और महुआ लड्डू दोनों का सेम रेट है. दोनों मिठाई का रेट 800 रुपये किलो है. अगर आप आधा किलो लड्डू खरीदते हैं तो 13 महुआ लड्डू आपको खाने को मिल जाते हैं. ये महंगा इसलिए है, क्योंकि यह लड्डू शरीर को नुकसान नहीं बल्कि फायदा ही फायदा पहुंचाता है.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *