चेकअप में सबकुछ नॉर्मल, फिर भी दिनभर रहती है सुस्ती और थकान? जानें दिक्कत की असली वजह

अक्सर कई लोग अलग ही प्रकार की बेचैनी, थकान और सुस्ती से ग्रस्त रहते हैं. ऐसा महसूस होता है मानो शरीर में जान ही नहीं है. पूरी नींद सोने के बाद भी आलस और थकान बनी रहती है, जबकि अगर चेकअप कराओ तो रिपोर्ट्स एकदम नॉर्मल आती हैं.

KIMS अस्पताल के प्रमुख और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस.एम. फयाज बताते हैं – हमेशा थकान महसूस होना, चक्कर आना, कम नींद आना, बिना किसी समस्या के शरीर में दर्द, सोचने-समझने की शक्ति कम महसूस होना, यह सब कोई सामान्य चीजें नहीं हैं, इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि यह किसी गंभीर समस्या की चेतावनी हो सकती हैं. हमारा शरीर रातोंरात किसी गंभीर समस्या से ग्रस्त नहीं होता, बल्कि यह किसी गंभीर बीमारी के आने से पहले धीरे-धीरे संकेत देता है, ये संकेत ज्यादा गंभीर तो नहीं होते, लेकिन निरंतर जरूर होते हैं.

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जब आप ठीक महसूस नहीं करते, फिर भी रिपोर्ट सामान्य क्यों आती है?

अधिकतर टेस्ट बड़ी या स्पष्ट बीमारियों को पकड़ने के लिए बनाए जाते हैं, न कि शरीर के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के लिए. डॉ. फयाज के अनुसार, शरीर की कई समस्याएं जैसे मेटाबॉलिज्म में बदलाव, पाचन की दिक्कत, थायरॉइड की समस्या और इंसुलिन रेजिस्टेंस-ये सब शुरुआती स्तर पर नजर नहीं आतीं. इसका सीधा मतलब यह है कि थायरॉइड और ब्लड शुगर दिनभर घट-बढ़ सकते हैं, लेकिन उनके साफ लक्षण दिखाई नहीं देते. ICMR के अनुसार मेटाबॉलिक समस्याएं धीरे-धीरे और बिना शोर के बढ़ती हैं. वहीं NIH भी मानता है कि कई बार बड़ी बीमारी का पता चलने से पहले ही शरीर के अंदर बदलाव शुरू हो जाते हैं, यही कारण है कि इंसान बीमार महसूस करता है, लेकिन उसकी रिपोर्ट सामान्य आती है.

छिपी हुई वे समस्याएं जिन्हें आसानी से नजरअंदाज कर दिया जाता है

डॉ. फयाज बताते हैं कि कुछ सामान्य समस्याएं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे विटामिन B12 और विटामिन D की कमी, थायरॉइड में बदलाव और सही से नींद न आना. ये बदलाव छोटे होते हैं, लेकिन शरीर पर काफी असर डालते हैं. जैसे विटामिन की कमी से कमजोरी और मूड पर असर पड़ता है, पानी की कमी से थकान और सिरदर्द हो सकता है, और नींद पूरी न होने से शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, जब ये समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ती हैं, तब जाकर इनके लक्षण साफ तौर पर महसूस होने लगते हैं.

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बार-बार टेस्ट से बेहतर जीवनशैली सुधारें और स्वस्थ रहें

ऐसे लक्षणों में बार-बार टेस्ट कराने से बेहतर है जीवनशैली पर ध्यान दें. डॉ. फयाज के अनुसार, नींद, खान-पान, पानी, व्यायाम और तनाव का सही संतुलन रखना ज्यादा फायदेमंद होता है. साथ ही, इन लक्षणों को पहचानना भी जरूरी है. कौन से लक्षण कब होते हैं, क्यों होते हैं और कितनी देर तक रहते हैं. छोटे-छोटे सुधार जैसे अच्छी नींद, सही डाइट और नियमित व्यायाम बड़ी समस्याओं को रोक सकते हैं. अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लें और उन्हें नजरअंदाज ना करें.

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