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मध्यप्रदेश में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक आंदोलन तेज हो गया है. करीब डेढ़ लाख शिक्षक सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. 8, 11 और 18 अप्रैल को चरणबद्ध प्रदर्शन होंगे. शिक्षक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और उग्र होगा.
एमपी में टीईटी के खिलाफ टीचर्स 18 अप्रैल को बड़ा विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं.
भोपाल. मध्यप्रदेश में शिक्षक वर्ग एक बड़े आंदोलन की तैयारी में है, जहां करीब डेढ़ लाख शिक्षक सड़कों पर उतरने की रणनीति बना चुके हैं. TET अनिवार्यता के खिलाफ प्रदेश के 10 से 12 शिक्षक संगठन एकजुट हो गए हैं. भोपाल में हुई बैठक के बाद शिक्षकों ने साफ संकेत दिए हैं कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी. DPI के उस आदेश को लेकर विरोध तेज हो गया है, जिसमें 5 साल से अधिक सेवा शेष रहने वाले शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य किया गया है. इस फैसले को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है और इसे उनके अधिकारों के खिलाफ बताया जा रहा है.
शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है और इससे हजारों अनुभवी शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होगा. उनका आरोप है कि 2006 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी यह नियम लागू करना अन्यायपूर्ण है. इसी मुद्दे को लेकर अब प्रदेशभर में एकजुटता दिखाई दे रही है. शिक्षक न सिर्फ सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि कानूनी लड़ाई का भी प्लान बना रहे हैं. संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
TET अनिवार्यता बना विवाद की जड़
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद यह विवाद शुरू हुआ है. आदेश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों की सेवा में 5 वर्ष से अधिक समय बचा है, उन्हें TET परीक्षा पास करनी होगी. इसी को लेकर शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं.
करीब 1.5 लाख शिक्षक होंगे प्रभावित
संगठनों के अनुसार इस फैसले से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक सीधे प्रभावित होंगे. इनमें बड़ी संख्या उन शिक्षकों की है, जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं. उनका कहना है कि अनुभव को नजरअंदाज कर परीक्षा थोपना गलत है.
तीन चरणों में आंदोलन की रणनीति
शिक्षकों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से करने का निर्णय लिया है. 8 अप्रैल को जिला स्तर पर सम्मेलन होंगे. 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद 18 अप्रैल को भोपाल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा निकाली जाएगी.
गांधी भवन की बैठक में बना संयुक्त मोर्चा
भोपाल के गांधी भवन में हुई बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाया. सभी ने एक स्वर में सरकार के फैसले का विरोध किया. इसे वापस लेने की मांग रखी गई.
पदोन्नति के लिए वैकल्पिक मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि पदोन्नति के लिए TET अनिवार्य करने के बजाय वरिष्ठता या पूर्व परीक्षाओं को आधार बनाया जाए. उनका तर्क है कि लंबे अनुभव को नजरअंदाज करना उचित नहीं है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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