2 अप्रैल को हनुमान प्रकट उत्सव: पूजा में हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं, लाल-पीले फूलों से करें भगवान का श्रृंगार

4 घंटे पहले

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गुरुवार, 2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा है। इस तिथि पर श्रीराम के परमभक्त हनुमान जी का प्रकट उत्सव मनाया जाता है। हनुमान जी कलियुग में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो लोग भगवान राम के नाम का जप करते हैं, सुंदरकांड और रामायण का पाठ करते हैं, उन्हें हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक हनुमान जी की पूजा में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, इन बातों का ध्यान रखने पर पूजा जल्दी सफल हो सकती है…

  • पूजा में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। अगर समय अभाव हो तो सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। आप चाहें तो श्रीराम के नाम का जप भी कर सकते हैं।
  • हनुमान जी को सुबह प्रसाद के रूप में गुड़, नारियल, लड्डू चढ़ाया जाना चाहिए। दोपहर में गुड़, घी, गेहूं के आटे से बनी रोटी का चूरमा अर्पित किया जा सकता है। शाम के समय फल जैसे आम, केले, अमरूद, सेवफल आदि का भोग लगाना श्रेष्ठ है।
  • बजरंग बली को चोला चढ़ाते समय चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर अर्पित करना चाहिए।
  • पूजा करने वाले भक्त को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। साफ-सफाई से रहना चाहिए। शरीर और मन की पवित्रता के साथ पूजा करने वाले भक्त से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं।
  • पूजा में दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।
  • हनुमान जी का चोला चढ़ाने के बाद लाल-पीले फूलों से श्रृंगार करना चाहिए। कमल, गेंदा, गुलाब जैसे फूल चढ़ा सकते हैं।
  • हनुमान जी को केसर के साथ घिसा हुआ लाल चंदन का तिलक लगाना चाहिए। अगर ये न हो, सामान्य चंदन का तिलक भी लगा सकते हैं।
  • ऊँ रामदूताय नम: मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। श्रीराम के नाम का जप करने से हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं।
  • पूजा में हनुमान जी की तीन परिक्रमा करने का विधान है। मूर्ति के चारों ओर परिक्रमा करने की जगह न हो, तो अपनी जगह पर खड़े-खड़े ही तीन परिक्रमा कर सकते हैं।
  • हनुमान जी के मंदिर में नए केसरिया ध्वज का दान करें।
  • हनुमान जी की पूजा करने वाले व्यक्ति को सभी महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। कभी भी किसी महिला के प्रति गलत विचार मन में नहीं लाना चाहिए।
  • हनुमान प्रकट उत्सव के दिन सुबह देर तक सोने से बचें। कोशिश करें कि सूर्योदय के समय या इसके कुछ देर बाद बिस्तर छोड़ दें। स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। घर के मंदिर में सबसे पहले गणेश पूजा करें। इसके बाद हनुमान जी का पूजन करें।
  • हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत होता है।

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