Som Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत पर करें ये 5 काम, शिव की महिमा से जीवन का होगा उद्धार

Som Pradosh Vrat 2026: पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस बार 30 मार्च को सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ रहा है, जिसे सोम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा. प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित अत्यंत शक्तिशाली व्रत है. वहीं सोमवार का दिन पड़ने से इसका महत्व कई गुणा बढ़ जाता है.

सोम प्रदोष व्रत से मानसिक शांति, उत्तम सेहत, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. अगर आप भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं तो सोम प्रदोष व्रत पर शिव मंत्र जाप, नटराज स्तुति समेत ये 5 काम जरूर करें.

पहला काम: प्रदोष व्रत में शिव पूजन

प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ होता है. सोमवार 30 मार्च 2026 को सोम प्रदोष व्रत पर पूजा के लिए शाम 06 बजकर 38 मिनट से रात 08 बजकर 57 मिनट तक का समय रहेगा. इस तरह शिवभक्तों को पूजा के लिए 2 घंटे 19 मिनट का समय मिलेगा. इस समय के भीतर पूजा कर लें.

दूसरा काम- शिव मंत्रों का जाप

सोम प्रदोष व्रत पर पूजा के दौरान भगवान शिव जी के मंत्रों का जाप जरूर करें. यहां देखें 5 शक्तिशाली शिव मंत्र-

  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ नमो भगवते रूद्राय
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
    उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
  • कर्पूरगौरं करुणावतारं
    संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।
    सदावसन्तं हृदयारविन्दे
    भवं भवानीसहितं नमामि

तीसरा काम- शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें

सुबह उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और शिव मंदिर जाकर पूजन करें. आप घर पर भी पूजा कर सकते हैं. सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं. फिर शिवजी की विशेष कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र, धतूरा, गन्ने का रस और शहद अर्पित कर पूजा करें. इस बात का ध्यान रखें कि, पूजा में तुलसी, शंख, केतकी के फूल और केवड़ा का प्रयोग न करें.

चौथा काम- नटराज स्तुति

सत सृष्टि तांडव रचयिता
नटराज राज नमो नमः ।
हे आद्य गुरु शंकर पिता
नटराज राज नमो नमः ॥

गंभीर नाद मृदंगना
धबके उरे ब्रह्माडना ।
नित होत नाद प्रचंडना
नटराज राज नमो नमः ॥

शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा
चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।
विषनाग माला कंठ मां
नटराज राज नमो नमः ॥

तवशक्ति वामांगे स्थिता
हे चंद्रिका अपराजिता ।
चहु वेद गाए संहिता
नटराज राज नमोः ॥

पांचवा काम: दान

सोम प्रदोष व्रत पर जो लोग अपनी क्षमतानुसार दान-दक्षिणा देते हैं, उनसे महादेव खूब प्रसन्न होते हैं. इसलिए 30 मार्च को सोम प्रदोष व्रत पर अन्न, सफेद वस्तु और मौसमी फलों का दान जरूर करें.

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