राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोठरी स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जवाब तलब किया है। यह कार्रवाई संस्थान द्वारा ‘वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी’ नाम से किए जा रहे प्रचार की शिकायत पर हुई है। दरअसल, विश्वविद्यालय का वास्तविक परिसर भोपाल से 75 किलोमीटर दूर सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम कोठरी में स्थित है। एनएसयूआई नेता रवि परमार की शिकायत के अनुसार, नाम में ‘भोपाल’ का उपयोग कर अन्य राज्यों के छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित किया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक असुविधा होती है। आयोग ने इसे पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। वीआईटी प्रबंधन पहले भी विवादों में रहा है; मूलभूत सुविधाओं और पानी की कमी के चलते यहां छात्र हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ कर चुके हैं। इसके अलावा परिसर में अवैध क्लीनिक संचालन और रैगिंग जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं, जिनमें संस्थान पर पुलिस जांच में सहयोग न करने के आरोप लगे हैं। अवैध क्लीनिक और रैगिंग की शिकायतें
वीआईटी कैंपस में प्रशासनिक लापरवाही के कई मामले उजागर हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि यहां अवैध क्लीनिक का संचालन किया गया और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है। पूर्व में छात्रों ने थाने पहुंचकर रैगिंग की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन संस्थान ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। .