MA के बाद नहीं मिली नौकरी, तो इस युवा ने शुरू किया ऐसा बिजनेस, आज तगड़ी कमाई

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Amethi News: अमेठी के एक किसान ने खुद की मेहनत से अपनी किस्मत बदली है. आज वो मशरूम फार्मिंग कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. आइए इस किसान की सफलता की कहानी आपको बताते हैं.

अमेठी: कुछ लोगों का किस्मत साथ नहीं देती, तो वह खुद ही अपनी किस्मत को अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर बदल देते हैं और अपनी सफलता की राह चुन सफल हो जाते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है अमेठी के युवा किसान की, जिन्होंने संघर्ष से सफलता की राह बना डाली और आज मशरूम फार्मिंग के जरिए रोजगार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और सफल भी हैं.

यह कहानी अमेठी के तुषार विक्रम की है. तुषार विक्रम सिंह ने 2021 में अपनी पढ़ाई पूरी की. साल 2021 में उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम किया, फिर प्रयागराज विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने करीब 1 साल तक रोजगार के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाए. फिर थक हारकर वे घर आए, तो उन्होंने हार नहीं मानी.

600 स्क्वायर फीट में मशरूम की फार्मिंग
उन्होंने कई दिनों तक अलग-अलग बिजनेस पर रिसर्च किया. फिर बिहार कंपनी मे मशरूम की ट्रेनिंग करीब एक सप्ताह तक की. फिर उन्हें मशरूम फार्मिंग का काम समझ आया, तो उन्होंने इसकी शुरुआत कर दी. वर्तमान समय में उन्होंने करीब 600 स्क्वायर फीट में मशरूम की फार्मिंग शुरू की है, जिससे उन्हें फायदा हो रहा है.

क्या-क्या चीज मिलाकर तैयार होता है मशरूम?
तुषार विक्रम सिंह ने बताया कि मशरूम की फार्मिंग के लिए गेहूं का भूसा बाराबंकी से खाद लाकर उसे रखा जाता है. जब तक मशरूम पैक रहती है, तब तक उसका तापमान 15 दिनों तक 25 से 27 रहना चाहिए. इसके साथ ही जब तैयार हो जाती है, तो करीब 17 से 22 तक टेंपरेचर होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मशरूम की जो नमी होनी चाहिए, वह 80 से 85% तक होनी चाहिए. इस काम से उन्होंने अच्छी कमाई की है और 6 माह में उनकी दूसरी फसल है, जिससे उन्हें फायदा हो रहा है.

मेहनत किया जाए तो हर काम में सफल होना स्वाभाविक
तुषार विक्रम ने अपनी सफलता बताते हुए कहा कि करीब 170 से 200 रुपए किलो तक मशरूम आसानी से बिक जाती है और एक सीजन में उन्हें दो से ढाई लाख रुपए का मुनाफा हो जाता है. उन्होंने कहा कि एक दो बार उन्होंने थोड़ा नुकसान भी हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, क्योंकि बिजनेस और किसी भी काम में फायदा नुकसान चलता रहता हैं.

उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वह किसी काम को शुरू करने से पहले अच्छी तरीके से उसकी जानकारी कर लें, उस पर रिसर्च कर लें, तब वह इस काम को कर सकते हैं. आज वह सफल हैं, इसलिए उन्होंने ठाना है कि वह इस काम को बड़े पैमाने पर करेंगे और आगे और भी बेरोजगारों को रोजगार देंगे.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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