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Cauliflower Cutting Machine: इन फसलों की कटाई में लगने वाली लंबी मेहनत और समय से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है. पहले किसानों को घंटों बैठकर हाथ से कटाई करनी पड़ती थी. इससे ना सिर्फ समय ज्यादा लगता था बल्कि लागत भी बढ़ जाती थी.
पटना. गोभी और पत्तागोभी उगाने वाले किसानों के लिए यह एक राहत भरी खबर है. अब इन फसलों की कटाई में लगने वाली लंबी मेहनत और समय से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है. पहले किसानों को घंटों बैठकर हाथ से कटाई करनी पड़ती थी. इससे ना सिर्फ समय ज्यादा लगता था बल्कि लागत भी बढ़ जाती थी. इसी समस्या को देखते हुए समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक खास मशीन विकसित की है. यह मशीन गोभी और पत्तागोभी की कटाई को बेहद आसान बना देती है.
इस मशीन की खासियत ये है कि यह मात्र एक घंटे में करीब 250 गोभी काट सकती है. यानी कम समय में ज्यादा काम, और मेहनत भी कम. सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी कीमत करीब ₹8000 रखी गई है. जिससे छोटे और मध्यम किसान भी इसे आसानी से खरीद सकते हैं. इसके अलावा, यह मशीन कमाई का जरिया भी बन सकती है. किसान इसे किराए पर देकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं.
बड़े कमाल की है यह मशीनें
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक राज ने बताया कि इस खास मशीन के जरिए ही आप पत्तागोभी की कटाई कर सकते हैं. पूरा मशीन एक मजबूत लोहे के फ्रेम पर बना है. इस वजह से इसे खेत में स्थिरता के साथ आसानी से चलाया जा सकता है. पीछे की तरफ दो बड़े पहिए लगे हैं. एक बड़ा सा स्टोर बकेट है. इसमें कटे हुए पत्तागोभी स्टोर होते हैं. बीच में लंबा लोहे का चैनल बना है, जिससे गोभी या पत्तागोभी अपने आप बकेट तक पहुंच जाते हैं. इसमें मूविंग चैनल है. आगे की तरफ तेज धार वाला ब्लेड लगा होता है, जो गोभी को जड़ से काटता है. ऊपर की तरफ हैंडल दिया गया है, जिसे दबाकर ब्लेड को कंट्रोल किया जाता है. पूरी मशीन बैटरी से ऑपरेट होती है.
कैसे होती है कटाई
उन्होंने आगे बताया कि इस मशीन के निचले हिस्से में मोटर लगी हुई है. जैसे ही स्विच दबाया जाता है, बैटरी से करंट सप्लाई होता है और मोटर चालू हो जाता है. बीच में बना चैनल नीचे से ऊपर की ओर चलने लगता है. इसके बाद ऊपर दिए गए बड़े हैंडल को दबाते ही आगे लगा ब्लेड सक्रिय हो जाता है, जो पत्तागोभी को काटकर चैनल के एक किनारे पर डाल देता है. इसके बाद पत्तागोभी मूविंग चैनल के जरिए नीचे से ऊपर की ओर पहुंचती है और अंत में बकेट में इकट्ठा हो जाती है. यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है. इस तरह यह मशीन एक घंटे में करीब 250 से 255 पत्तागोभी काटने में सक्षम है.
ऐसे कर सकते हैं ऑर्डर
उन्होंने आगे बताया कि इस मशीन को खरीदने के लिए पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पहुंचना होगा या फिर वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन भी भुगतान कर मशीन कर सकते हैं. भुगतान होते ही इसकी होम डिलीवरी कर दी जायेगी.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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