Success Sugarcane Startup: बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली मीना देवी ने पारंपरिक गन्ने की खेती को एक मुनाफे वाले स्टार्टअप में बदल दिया है. उनकी सफलता का राज केवल गुड़ (मीठा) बनाना नहीं, बल्कि गन्ने के अवशेष जिसे स्थानीय भाषा में सिट्ठी कहा जाता है. ये उसका स्मार्ट प्रबंधन है. आमतौर पर किसान सिट्ठी को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन मीना देवी इसे धूप में सुखाकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं. इससे गुड़ बनाने की लागत में भारी कमी आई है, क्योंकि अब उन्हें बाजार से महंगा कोयला या लकड़ी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. गन्ने के अपशिष्ट (सिट्ठी) को जलावन बनाया. ₹40 प्रति किलो की दर से गुड़ बेचकर हो रही है सीधी कमाई हो रही है. लागत घटाकर कम समय में ही आर्थिक रूप से सशक्त बनीं. मीना देवी की यह कहानी साबित करती है कि संसाधनों का सही प्रबंधन और जीरो वेस्ट तकनीक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है.
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