बुरहानपुर पुलिस ने महिला अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 2025-26 में 23 दोषियों को सजा दिलाई है। इनमें 6 आरोपियों को आजीवन कारावास और 17 को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) देवेंद्र पाटीदार ने शुक्रवार को बताया कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम दंड दिलाने के निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। एसपी पाटीदार ने बताया कि इन प्रभावी न्यायिक परिणामों के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने न्यायालयीन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने, साक्ष्य प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने और पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सजा दिलाने में मिली सफलता का मुख्य कारण न्यायालय में लंबित गंभीर प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा रही। इसमें प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्य, गवाह और केस डायरी की सूक्ष्म निगरानी की गई। अभियोजन अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की गईं और प्रकरणवार प्रगति की डिजिटल व लिखित रिपोर्टिंग की गई। निरंतर फीडबैक और अपडेट लेने से न्यायालयों में प्रकरणों की सुनवाई में तेजी आई और साक्ष्य प्रस्तुतिकरण अधिक सशक्त हुआ। कुल 23 मामलों में अपराधियों को सजा मिली है। इनमें 6 मामलों में आरोपियों को आजीवन कारावास, 2 प्रकरणों में 20 साल का सश्रम कारावास और 5 प्रकरणों में 10 साल का कारावास शामिल है। इसके अतिरिक्त, 10 अन्य प्रकरणों में भी आरोपियों को कारावास की सजा सुनाई गई। यह सफलता 2024 की अपेक्षा 2025-26 में अधिक मामलों में दर्ज की गई है। इन कार्रवाइयों से अपराधियों में कानूनी दंड का स्पष्ट भय उत्पन्न हुआ है। साथ ही, पीड़ित पक्ष में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है। पुलिस और अभियोजन के समन्वय से मजबूत केस प्रस्तुति संभव हुई है, जिससे न्यायालय में मामलों के निस्तारण की गति में भी वृद्धि दर्ज की गई है। .