भैंस पालन कर किसान ने कमाए लाखों, रोज बेचते हैं 1200 का दूध, सरकार भी देती है सब्सिडी

Last Updated:

पशु पालक किसान राम मूरत ने बताया कि वह बचपन से ही पशु पालन करते आ रहे हैं. उनको कभी भी इससे नुकसान नहीं हुआ है. बल्कि अब अच्छी कमाई हो रही है. प्राचीन समय से ही कमाई का जरिया पशु पालन ही रहा है. ऐसे में जिस प्रकार मुर्रा जैसी अव्वल दर्जे की भैंस प्रति दिन 15 से 20 लीटर तक दूध देती है. जिसे अब 60 से 70 रुपये किलो बेचा जा रहा है.

ख़बरें फटाफट

फर्रुखाबाद: अगर आप भी किसान है और घर पर रहकर कारोबार करना चाहते है तो आपके लिए पशुपालक बनने का है सुनहरा मौका है. भारत में पशुपालन और डेयरी फार्मिंग के कारोबार का श्रेय भैंस पालन क्षेत्र को ही जाता है. भैंस की मुर्रा जैसी नस्लों ने दूध उत्पादन क्षेत्र को नये आयाम दिए हैं. यही कारण है कि अब ग्रामीणों के साथ ही शहरों में भी लोग व्यक्तिगत दुधारु पशु पालन कर रहे हैं. ऐसे में अगर आप कम समय में पशुपालन व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं. भैंस पालन व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.

पशुपालन में सरकार दे रही है सब्सिडी

लोकल18 की टीम को पशु पालक किसान मटरू यादव ने बताया कि वह बचपन से ही पशु पालन करते आ रहे हैं. उनको कभी भी इससे नुकसान नहीं हुआ है. बल्कि अब अच्छी कमाई हो रही है. प्राचीन समय से ही कमाई का जरिया पशु पालन ही रहा है. ऐसे में जिस प्रकार मुर्रा जैसी अव्वल दर्जे की भैंस प्रति दिन 15 से 20 लीटर तक दूध देती है. जिसे अब 60 से 70 रुपये किलो बेचा जा रहा है. इतना ही नहीं, पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के तहत भैंस की खरीद पर 25 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जा रही है.

मुर्रा नस्ल की है डिमांड

भारत के कई राज्य सरकारें भी दूध उत्पादन के जरिये राजस्व बढ़ा रही है, जिससे पशुपालकों को लाभान्वितल किया जा रहा हैं. वही ऐसे में किसान घर बैठे चाहें तो 5 भैसों से भी डेयरी फार्म शुरू कर सकते हैं. जिससे सिर्फ साल में ही मुनाफा मिलने लगेगा. एक ऐसी भैंस की नस्ल जिसको पालकर आप भी लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं. वही को पशुओं के जानकार ने लोकल 18 से कहा कि जिले में अधिकतर पशुपालक मुर्रा नस्ल की भैंस पालकर अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं. इनमें एक नहीं बल्कि अनेक गुण होते हैं, एक तो जल्द बीमार नहीं पड़ती और दूसरा कम से 15 से 20 लीटर दूध देती है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *