गलत विमान वैंकूवर भेजने के चलते एयर इंडिया को DGCA की फटकार, एक अधिकारी पर गिरी गाज

DGCA Wraps Air India: एयर इंडिया की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने Air India को फटकार लगाई है. एयर इंडिया ने वैंकूवर जाने वाली फ्लाइट के लिए गलती से बोइंग 777-200 LR विमान भेज दिया, जबकि इस रूट के लिए केवल Boeing 777-300ER को ही मंजूरी दी गई थी. इसके चलते विमान को करीब 7 घंटे उड़ान भरने के बाद दिल्ली वापस लौटना पड़ा, क्योंकि वह उस रूट के लिए अनुमोदित नहीं था.

एयर इंडिया की बड़ी लापरवाही

इस घटना के तुरंत बाद DGCA ने एयर इंडिया को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए और इस लापरवाही के लिए एयरलाइन के एक अधिकारी पर कार्रवाई भी की गई. यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि हर अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए अलग-अलग विमानों को उनकी रेंज, सुरक्षा मानकों और नियामकीय अनुमोदन के आधार पर अनुमति दी जाती है. ऐसे में गलत विमान भेजना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो सकता है और यात्रियों के समय व संसाधनों की भी बर्बादी होती है.

इस तरह की घटनाएं एयरलाइन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं. ऐसे में DGCA की सख्ती के बीच यह जरूरी हो गया है कि भविष्य में फ्लाइट प्लानिंग और अनुमोदन प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए, ताकि इस तरह की गलतियों की पुनरावृत्ति न हो.

क्या होता है अंतर?

बोईंग 777-200LR और बोईंग 777-300ER दोनों ही बोईंग 777 सीरीज के विमान हैं. लेकिन इनके बीच काफी अंतर है. 777-300ER आकार में बड़ा और लंबा होता है, जिससे इसमें 350–400 तक यात्री बैठ सकते हैं, जबकि 777-200LR अपेक्षाकृत छोटा होता है और इसमें लगभग 250–300 यात्री ही समा पाते हैं.

रेंज के मामले में 777-200LR को अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज विमान माना जाता है और यह ज्यादा दूरी तय कर सकता है, जबकि 777-300ER की रेंज थोड़ी कम होती है, लेकिन यह ज्यादा यात्रियों को ले जाने के कारण व्यावसायिक रूप से अधिक उपयोगी माना जाता है.

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