New Income Tax Rules 2025: भारत में 1 अप्रैल से Income-tax Act, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने Income-tax Act, 1961 की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि यह सिर्फ टैक्स सिस्टम में बदलाव नहीं, बल्कि पूरे कानून को नए तरीके से तैयार करने की प्रक्रिया है. सबसे बड़ी राहत आम लोगों के लिए यह है कि टैक्स स्लैब और टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, टैक्स रिपोर्टिंग, डिस्क्लोजर और फाइलिंग पहले के मुकाबले ज्यादा सख्त, डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी.
आइये जानते हैं कि नए इनकम टैक्स रूल्स में क्या अहम बदलाव किए गए हैं, जो आपका जानना जरूरी है.
1- मील बेनिफिट्स
नए नियमों में वेतनभोगियों के लिए मील बेनिफिट्स में बड़ा फायदा दिया गया है. अब कंपनी की ओर से दिए जाने वाले मील कार्ड या वाउचर (जैसे Sodexo, Pluxee आदि) पर टैक्स छूट की सीमा 50 रुपये प्रति मील से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है. इससे एक कर्मचारी सालाना करीब 1 लाख रुपये तक का मील बेनिफिट टैक्स-फ्री प्राप्त कर सकता है, जिससे उसकी टैक्स सेविंग बढ़ेगी.
2-एचआरए
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों में भी बदलाव किया गया है. अब 50 प्रतिशत HRA छूट वाले शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के साथ बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है. हालांकि, नियमों को सख्त करते हुए अब HRA क्लेम करने के लिए मकान मालिक की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी.
3-फॉर्म 16
एक बड़ा बदलाव यह है कि अब कंपनियां कर्मचारियों को Form 16 जारी नहीं करेंगी, बल्कि इसकी जगह नया Form 130 दिया जाएगा. इससे ITR फाइलिंग पूरी तरह सिस्टम आधारित हो जाएगी और TDS में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर रिफंड में देरी हो सकती है.
4- पैन कार्ड के नियम
इसके अलावा PAN कार्ड से जुड़े नियमों को भी सख्त किया गया है. अब गाड़ी खरीदने-बेचने जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन में PAN देना अनिवार्य होगा. साथ ही, टैक्स रिजीम चुनने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए अब अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि ITR के अंदर ही विकल्प चुन सकते हैं.
यानी, यह नया कानून टैक्स बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, डिजिटल और सटीक बनाने के उद्देश्य से लाया गया है. इसमें फेसलेस असेसमेंट, कम मानवीय हस्तक्षेप और तेज रिफंड जैसे लक्ष्य शामिल हैं. ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपनी सैलरी स्ट्रक्चर, HRA डिटेल्स, PAN लिंकिंग और TDS को समय-समय पर जांचते रहें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
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