शिवपुरी जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत इंदार में वर्षों से कब्जाई गई मां बीजासन मंदिर की भूमि को मुक्त कराया गया, वहीं पोहरी वन परिक्षेत्र में भी वन विभाग ने 6.490 हेक्टेयर शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। ग्राम पंचायत इंदार में मां बीजासन माता मंदिर मेला मैदान की सर्वे नंबर 1633 और 1606 पर राजेश और बृजपाल रघुवंशी द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। 26 मार्च 2026 को जब सीमांकन के लिए प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा, तो अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं और बच्चों के साथ कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड और लट्ठ लेकर विरोध किया और टीम को रोकने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण प्रारंभिक दल को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद तहसीलदार रन्नौद सतीश उपाध्याय, इंदार थाना प्रभारी विवेक यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। एसडीएम कोलारस व कलेक्टर की निगरानी में कार्रवाई करते हुए भूमि का सीमांकन किया गया। इस दौरान मकान को छोड़कर शेष भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के समय पटवारी वीरेंद्र दांगी, अन्य राजस्व अमला और सरपंच रामसेवक परिहार भी मौजूद रहे। वन विभाग द्वारा पोहरी वन परिक्षेत्र के बीट बिलोआ में भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां 6.490 हेक्टेयर शासकीय वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। ग्राम बागलोन के कुछ लोगों ने इस भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए थे। वन विभाग ने पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की गई, जिसके तहत अवैध मकान और बाउंड्रीवाल को हटाया गया। यह कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मौके पर वनमण्डल अधिकारी सुधांशु यादव, वन परिक्षेत्राधिकारी श्रुति राठौर सहित वन विभाग का अमला उपस्थित था .