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ईरान के खिलाफ करीब 47 सालों से प्रतिबंध लगे हुए हैं यानि बाहरी देशों से ना तो उसको इतने सालों तक कोई आर्थिक मदद मिली..ना ही दूसरे देश उसके साथ कोई कारोबार करते थे. ऐसे में बाहर से तकनीक लेने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता लेकिन इसके बाद भी ईरान एक नहीं बल्कि कई चीजों में दुनिया में दूसरे देशों से बहुत आगे है.
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है. र अपनी तेज़ी से हो रही प्रगति और आत्मनिर्भरता के कारण अक्सर वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 देशों में शामिल रहता है. इन क्षेत्रों में नैनोटेक्नोलॉजी, स्टेम सेल थेरेपी और मिसाइल टेक्नोलॉजी आदि प्रमुख हैं. (AI News18 Image)
नैनोटेक्नोलॉजी से जुड़े प्रकाशनों और उत्पादन के मामले में ईरान वैश्विक स्तर पर शीर्ष 5-6 देशों में शामिल है. 2024-2025 में इसके बाज़ार में 102% की वृद्धि का अनुमान है. यह नैनो-दवाओं, नैनोकम्पोजिट्स, और कैंसर के इलाज तथा सुपरकैपेसिटर्स जैसे प्रयोगों के क्षेत्र में खासा आगे है. (AI News18 Image)
स्टेम सेल अनुसंधान, सेल थेरेपी और रीजेनरेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में ये देश दुनिया भर में 7वें-8वें स्थान पर है. हाल ही में इसे नए ‘एडवांस्ड थेरेपी मेडिसिन प्रोडक्ट्स’ के लिए मंज़ूरी मिलने से इस क्षेत्र में और प्रगति हुई है. इसकी प्रमुख उपलब्धियों में कैंसर के लिए कार टी सेल थेरेपी और ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ का इलाज शामिल है. (AI News18Image)
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फार्मास्यूटिकल्स और नैनो-मेडिसिन के क्षेत्र में ईरान वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर है. ये अपनी ज़रूरत की 97% दवाएं देश के भीतर ही बनाता है. कोविड 19 टीकों, बांझपन के इलाज में ये दुनिया भर में चौथे स्थान पर रहा. रेनियम-188 जैसी न्यूक्लियर मेडिसिन के क्षेत्र में आगे है. (AI News18 IMAGE)
AI से जुड़े प्रकाशनों और रोबोटिक्स (चौथे स्थान पर) के क्षेत्र में ईरान का स्थान काफी ऊंचा है. इस क्षेत्र में ये क्षेत्रीय अगुआ है. वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 में शामिल होने का लक्ष्य रखता है – मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज़न और सुरेना IV जैसे रोबोट बनाने में उसने विशेष महारत हासिल कर ली है. (AI News18 Image)
बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों तथा एयरोस्पेस में ईरान की तरक्की को हम लोग देख ही रहे हैं. इसके पास ज़मीन के नीचे से मिसाइल लांच करने की क्षमता है. ये उच्च-शक्ति वाले लेज़रों के निर्माण में भी टॉप 5 देशों में शामिल है. (AI News18 Image)
कॉस्मेटिक सर्जरी खासकर राइनोप्लास्टी यानि नाक की सर्जरी के क्षेत्र में इसको दुनिया का लीडर माना जाता है. यहां हर साल इराक, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे देशों से 30,000 से ज़्यादा मेडिकल टूरिस्ट आते हैं. मरीज़ यहां इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें अमेरिका या यूरोप के मुकाबले 70-80% कम खर्च में दुनिया-भर के बेहतरीन नतीजे मिलते हैं. यहां बहुत काबिल सर्जन भी मौजूद हैं. (AI News18 Image)
ईरान के प्लास्टिक सर्जन्स ने आमतौर पर विदेश में ट्रेनिंग ली होती है. वो अमेरिकन यूरोपियन सोसाइटीज़ के सदस्य होते हैं. डेटा के मुताबिक, वो हर साल 420,000 से ज़्यादा सर्जरी करते हैं. वे राइनोप्लास्टी, फेसलिफ्ट, लाइपोसक्शन, और बोटोक्स जैसे कम चीर-फाड़ वाले इलाज में माहिर होते हैं. (AI News18 Image)
यहां सर्जरी का खर्च पश्चिमी देशों के मुकाबले 1/5 से 1/15 गुना कम होता है. कंसल्टेशन फीस, टैक्स या ज़्यादा ऊपरी खर्च नहीं होता. ईरान में राइनोप्लास्टी का खर्च $2,000-4,000 के बीच हो सकता है, जबकि अमेरिका में यही खर्च $10,000 से ज़्यादा होता है. (AOI News18 Image)
तेहरान की आधुनिक क्लीनिकों में एकदम नए ज़माने के उपकरण, अंग्रेज़ी बोलने वाला स्टाफ और वीज़ा में मदद, रहने की जगह और सर्जरी के बाद की देखभाल जैसी सभी चीज़ें शामिल होती हैं. मेडिकल टूरिज्म के इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में ईरान दुनिया के टॉप 10 देशों में आता है. (AI News18 Image)
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