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Aam Khaane Ke Baad Pani Peena: क्या आप भी आम खाने के तुरंत बाद गटागट पानी पी लेते हैं. तो संभल जाइए, क्योंकि आपकी यह एक छोटी सी आदत पेट में गैस, एसिडिटी और भारीपन का कारण बन सकती है. ऋषिकेश के आयुर्वेद डॉक्टर राज कुमार ने बताया कि क्यों आम और पानी का मेल सेहत के लिए विलेन साबित होता है और पुराने समय में दादी-नानी आम को खाने से पहले पानी में भिगोकर क्यों रखती थीं. अपनी पसंदीदा फल का मजा लेते समय इन जरूरी बातों का ध्यान रखें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे.
Aam Khaane Ke Baad Pani Peena Chahiye ya Nhi: गर्मियों का सीजन आते ही बाजारों में आम की खुशबू महकने लगती है और घरों में इसे खाने को लेकर पुरानी सलाहें भी शुरू हो जाती हैं. हम सबने बचपन से सुना है कि आम खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. कुछ लोग इसे महज एक पुरानी बात मानकर टाल देते हैं, तो कुछ इसे सख्ती से मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सलाह के पीछे कुछ आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हैं? ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राज कुमार ने बताया कि आम और पानी के बीच का यह रिश्ता आपकी सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है.
आम की गर्म तासीर और पाचन का विज्ञान
डॉक्टर राज कुमार के अनुसार, आयुर्वेद में आम को गर्म तासीर वाला फल माना गया है. इसका मतलब यह है कि आम खाने से शरीर के अंदर गर्मी बढ़ती है और हमारी पाचन अग्नि तेज हो जाती है. आम में कुदरती मिठास, फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं जिन्हें पचाने के लिए शरीर को मेहनत करनी पड़ती है. जैसे ही हम आम खाते हैं, हमारा पेट उसे पचाने का काम शुरू कर देता है. ऐसे में अगर हम तुरंत ऊपर से ठंडा पानी पी लेते हैं, तो वह पेट की गर्मी को शांत कर देता है और पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है.
कितनी देर का रखें अंतर और कैसा हो पानी?
एक्सपर्ट्स की मानें तो आम खाने और पानी पीने के बीच कम से कम 20 से 30 मिनट का गैप जरूर रखना चाहिए. इतना समय शरीर को आम पचाने की शुरुआत करने के लिए काफी होता है. इसके बाद पानी पीने से सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता. अगर आपको आम खाने के बाद बहुत ज्यादा प्यास लग रही है, तो एकदम चिल्ड या ठंडा पानी पीने के बजाय सामान्य तापमान वाला पानी या हल्का गुनगुना पानी ही पिएं.
दादी-नानी का नुस्खा, आम को पानी में भिगोना क्यों है जरूरी?
पुराने समय में हमारी दादी-नानी आम खिलाने से पहले उसे एक बाल्टी पानी में भिगोकर रखती थीं. इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण है. पानी में भिगोने से आम की ऊपरी गर्मी निकल जाती है और उसकी तासीर संतुलित हो जाती है. साथ ही, आम के ऊपर मौजूद कुछ प्राकृतिक रसायन (जैसे फाइटिक एसिड) भी निकल जाते हैं, जो शरीर में गर्मी या दाने पैदा कर सकते हैं. पानी में भिगोया हुआ आम पचाने में भी आसान होता है और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें