दमोह के तहसील ग्राउंड पर बुधवार को जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला लगा, जहां अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत इस कार्यक्रम में किसानों को कचरे के ढेर और नाली के पास जमीन पर बैठकर भोजन करने को मजबूर होना पड़ा। मेले में आए बड़ी संख्या में किसान तहसील ग्राउंड के पास स्थित कचरे, गंदगी और नाली के समीप बैठकर खाना खाते नजर आए। महिलाओं को भी गाड़ियों के बाजू में जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा। किसानों ने प्रशासन की इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी खुद एक बार ऐसी जगह बैठकर दिखाएं। हालांकि, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना था कि कुर्सियों का इंतजाम किया गया था, लेकिन किसान खुद जमीन पर बैठे तो इसमें उनकी गलती नहीं है। खाली कुर्सियों के बीच चलता रहा भाषण कृषि विभाग ने इस मेले में जिले भर से 2000 किसानों को जुटाने का लक्ष्य रखा था, ताकि उन्हें आधुनिक खेती और यंत्रों की जानकारी दी जा सके। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि मंच के सामने कुर्सियां खाली पड़ी थीं और अधिकारी जितनी संख्या बता रहे हैं, उतने किसान वहां नहीं पहुंचे। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे और किसान मोर्चा के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों का दावा- लक्ष्य से ज्यादा आए लोग कृषि विभाग के सहायक संचालक जगत लाल प्रजापति ने बताया कि सभी विकासखंडों से उम्मीद से ज्यादा किसान पहुंचे थे। उनके लिए अलग-अलग भोजन काउंटर और कुर्सियां लगाई गई थीं। उन्होंने कहा कि मेले में फसलों के प्रशिक्षण और कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी ताकि किसान जागरूक हो सकें। इसके बावजूद, आयोजन की बदहाली देखकर कई किसान निराश होकर लौटे। .