4 घंटे पहले
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इस साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष नवमी की तारीख को लेकर पंचांग भेद हैं। इस तिथि पर चैत्र नवरात्रि खत्म होती है और भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। कुछ पंचांग 26 तो कुछ 27 मार्च को राम नवमी बता रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे शुरू होगी और 27 मार्च की सुबह 10:06 बजे तक रहेगी। दो दिन नवमी तिथि होने से राम नवमी की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति है। भगवान राम का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ था और ये नक्षत्र 26 को नहीं, 27 तारीख को है, इस दिन सूर्योदय भी नवमी तिथि में ही होगा, इसलिए 27 को राम नवमी मनाना श्रेष्ठ है।
दूसरी ओर, कुछ विद्वानों का मत है कि शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी की दोपहर में हुआ था। इसलिए जिस दिन दोपहर में नवमी तिथि है, उसी दिन रामनवमी मनाई जानी चाहिए। इस बार 26 मार्च की दोपहर में नवमी तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन नवमी मनाई जा सकती है।
26 को चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है, इस दिन माता महागौरी की पूजा करनी चाहिए। 27 को देवी सिद्धिदात्री की पूजा करें।
सरल स्टेप्स में ऐसे कर सकते हैं श्रीराम की पूजा
- घर के मंदिर में राम दरबार की पूजा की व्यवस्था करें। गणेश पूजन के बाद राम दरबार में श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान जी, भरत और शत्रुघ्न शामिल रहते हैं।
- राम दरबार की सभी प्रतिमाओं पर जल चढ़ाएं। जल के बाद पंचामृत अर्पित करें और एक बार फिर जल चढ़ाएं।
- भगवान को इत्र, हार-फूल और वस्त्र आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। सुंदर श्रृंगार करें। मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं और आरती करें।
- पूजा में श्रीराम नाम का और रां रामाय नम: मंत्र का जप करें। आप चाहें तो रामायण के कुछ अध्यायों का या सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं।
- पूजन के अंत में भगवान से क्षमा याचना करें। प्रसाद बांटें और खुद भी लें।
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