MPPSC की तैयारी में लगे हैं? टॉपर ने बताया- ये टिप्स आपको दिला सकती हैं सफलता

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How To Crack Mppsc Medical: एमपीपीएससी मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी सीख सामने आई है. प्रदेश टॉपर डॉ. लक्ष्मी मोहनानी ने बताया कि सही रणनीति, क्लियर कॉन्सेप्ट, नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट ही सफलता की असली कुंजी हैं. सीमित समय में स्मार्ट स्टडी और टाइम मैनेजमेंट अपनाकर ही इस कठिन परीक्षा में चयन संभव है.

How To Crack Mppsc Medical: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की मेडिकल स्पेशलिस्ट परीक्षा में सफलता पाने के लिए अभ्यर्थियों को केवल मेहनत ही नहीं बल्कि सही रणनीति और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है. इस परीक्षा में चयन के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को अपने बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत करने होंगे खासकर एमबीबीएस के क्लिनिकल विषयों जैसे मेडिसिन, सर्जरी, ओबीएस/जीवाईएन और कम्युनिटी मेडिसिन पर फोकस करना जरूरी है. परीक्षा पैटर्न के अनुसार 125 अंकों के इस एग्जाम में 100 अंक तकनीकी विषयों और 25 अंक सामान्य ज्ञान और योग्यता के होते हैं इसलिए दोनों सेक्शन की संतुलित तैयारी जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 4-5 घंटे की केंद्रित पढ़ाई, नियमित रिवीजन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास सफलता का आधार बनता है. साथ ही मॉक टेस्ट देकर अपनी गति और सटीकता सुधारना बेहद जरूरी है. इंटरव्यू की तैयारी के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना और मेडिकल एथिक्स व ग्रामीण स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों की समझ विकसित करना भी चयन में अहम भूमिका निभाता है.

प्रदेश टॉपर बनीं डॉ. लक्ष्मी मोहनानी, सतना का बढ़ाया मान
हाल ही में आए रिजल्ट में सतना की डॉ. लक्ष्मी मोहनानी रिजवानी ने एमपीपीएससी मेडिकल स्पेशलिस्ट परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर मेडिकल क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया और यही पढ़ाई की स्ट्रेटजी नए अध्यर्थियों से भी साझा की. लोकल 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि सफलता का सबसे बड़ा राज नियमित पढ़ाई और कॉन्सेप्ट क्लियर रखना है. उन्होंने कहा कि केवल लंबे समय तक पढ़ाई करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि पढ़ाई का तरीका भी सही होना चाहिए. अगर अभ्यर्थी अपने विषय को गहराई से समझते हैं और उसे बार-बार रिवाइज करते हैं तो सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.

स्मार्ट स्टडी और टाइम मैनेजमेंट है जरूरी
मेडिकल फील्ड में सफलता पाने के लिए स्मार्ट स्टडी और टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि हर दिन एक तय समय पर पढ़ाई करना और उसी के अनुसार टारगेट सेट करना चाहिए. 24 घंटे में 4-5 घंटे की ईमानदारी से की गई पढ़ाई पर्याप्त होती है बशर्ते उसमें पूरा फोकस हो.
उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल फील्ड की खासियत यह है कि यहां पढ़ाई और प्रैक्टिस साथ साथ चलती है. जो कुछ डॉक्टर मरीजों का इलाज करते समय सीखते हैं वही उनकी तैयारी का हिस्सा बन जाता है. इससे न केवल उनकी समझ मजबूत होती है बल्कि पेशेंट के साथ उनका व्यवहार और रिस्पांस भी बेहतर होता है.

कमजोर बैकग्राउंड के बावजूद शिक्षा से बदल सकती है जिंदगी
डॉ. मोहनानी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी का फैमिली बैकग्राउंड मजबूत नहीं है तब भी शिक्षा के जरिए अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई बड़े एग्जाम्स जैसे यूपीएससी में भी टॉप करने वाले छात्र अपने स्कूल और कॉलेज के टॉपर रहे हैं जिससे यह साबित होता है कि निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता मिलती है.

हर ब्रांच में सफलता का एक ही फॉर्मूला
उन्होंने बताया कि एमपीपीएससी की अलग-अलग ब्रांच जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग और एनिमल हसबेंडरी में परीक्षा भले अलग-अलग हो लेकिन सफलता का मूल मंत्र एक ही है और वो है अपने विषय में पूरी पकड़. अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे अपनी फील्ड से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को अच्छे से तैयार करें और लगातार अभ्यास करते रहें.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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