क्या ठंडी चीजें खाते ही दांतों में लगता है करंट? हो जाएं सावधान!

Last Updated:

Dental Care Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बढ़ गया है, लेकिन इसके साथ ही दांतों की झनझनाहट (Sensitivity) के मरीजों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. दंत विशेषज्ञ डॉ. वी.डी. जोशी के अनुसार, अचानक ठंडी चीजों के संपर्क में आने से दांतों की नसों में तेज दर्द और झनझनाहट की समस्या हो रही है. यह अक्सर उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है जिनके दांतों का इनेमल घिस चुका है या जिनमें पहले से कैविटी मौजूद है. डॉ. जोशी का कहना है कि ठंडा लगने को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह दांतों की गहरी समस्या का संकेत है. उन्होंने सलाह दी है कि ठंडी और मीठी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करें और दिन में दो बार ब्रश जरूर करें. लापरवाही बरतने पर मरीजों को रूट कैनाल जैसे महंगे इलाज की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए शुरुआती लक्षणों पर ही डॉक्टर से परामर्श लेना और कुल्ला करने जैसी छोटी आदतों को अपनाना दांतों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है.

Dental Care Tips: राजस्थान सहित देशभर में गर्मी का पारा चढ़ते ही खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव आया है. चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए लोग धड़ल्ले से आइसक्रीम. कोल्ड ड्रिंक्स और बर्फ जैसे ठंडे पानी का सेवन कर रहे हैं. लेकिन यही राहत अब दांतों की बड़ी मुसीबत बनती जा रही है. प्रसिद्ध दंत विशेषज्ञ डॉ. वी.डी. जोशी के अनुसार. अचानक और अत्यधिक ठंडी चीजों के सेवन से दांतों में झनझनाहट (Sensitivity) और तेज दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में ऐसे मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है. जो ठंडी चीजें खाते ही दांतों में ‘करंट’ जैसा अनुभव होने की शिकायत लेकर पहुँच रहे हैं.

डॉ. जोशी का कहना है कि कई बार हमारे दांतों में कैविटी या सड़न अंदरूनी तौर पर मौजूद होती है. जिसका सामान्य दिनों में पता नहीं चलता. लेकिन जैसे ही आइसक्रीम या बेहद ठंडा पानी इन दांतों के संपर्क में आता है. नसों में तेज झनझनाहट शुरू हो जाती है. यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दांत की सुरक्षात्मक परत यानी ‘इनेमल’ घिस चुकी है या अंदर संक्रमण पहुँच चुका है. ऐसे मामलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है. जांच के बाद अक्सर मरीजों को फिलिंग या रूट कैनाल (RCT) जैसी प्रक्रियाओं की सलाह दी जा रही है. डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ठंडा लगने की समस्या को केवल मामूली समझकर नजरअंदाज करना भविष्य में दांत खोने का कारण बन सकता है.

मीठा और ठंडा: दांतों का सबसे बड़ा दुश्मन
गर्मी में केवल ठंडा ही नहीं. बल्कि मीठा भी दांतों की दुश्मन बना हुआ है. आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है. जो दांतों की ऊपरी परत को धीरे-धीरे गलाने का काम करती है. डॉ. वी.डी. जोशी ने बताया कि लगातार मीठी और ठंडी चीजों का कॉम्बिनेशन दांतों की संवेदनशीलता को कई गुना बढ़ा देता है. अक्सर लोग झनझनाहट महसूस होने पर घरेलू नुस्खे अपनाते हैं या दर्द निवारक दवाएं खा लेते हैं. जो केवल अस्थायी राहत देती हैं. असल समस्या का समाधान केवल समय पर डॉक्टरी जांच ही है.

डॉक्टरों की सलाह: संयम और सही देखभाल जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि आपको ठंडी चीजें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है. लेकिन उनके सेवन के तरीके में बदलाव लाना होगा. डॉ. जोशी ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • आइसक्रीम या ठंडा पानी पीने के तुरंत बाद सादे पानी से कुल्ला जरूर करें.
  • दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करने की आदत डालें.
  • बहुत अधिक ठंडी चीज को दांतों से दबाने या चबाने से बचें.
  • अगर झनझनाहट लगातार बनी रहे. तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें.
    सही देखभाल और खान-पान पर थोड़ा नियंत्रण रखकर आप गर्मी का आनंद भी ले सकते हैं और अपने दांतों को भी सुरक्षित रख सकते हैं.

About the Author

vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *