नीम के तेल का कमाल, घर पर बनाएं नेचुरल कीटनाशक, पौधों को मिलेगा पूरा बचाव

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Neem Oil For Pests: अगर आपके किचन गार्डन या बगीचे के पौधे कीटों से परेशान हैं, तो अब महंगे केमिकल कीटनाशकों की जरूरत नहीं है. नीम के तेल से बना यह आसान घरेलू स्प्रे एक सुरक्षित और असरदार समाधान है, जो पौधों को बिना नुकसान पहुंचाए कीटों से बचाता है. खास बात यह है कि इसे घर पर बेहद कम खर्च में तैयार किया जा सकता है और नियमित उपयोग से सफेद मक्खी, मिलीबग और मकड़ी जैसे कीट धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं, जिससे पौधे स्वस्थ और हरे-भरे बने रहते हैं. रिपोर्ट- ओम प्रकाश निरंजन

घर के बगीचे या किचन गार्डन में लगे पौधों को कीटों से बचाना अक्सर लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है. सफेद मक्खी, मकड़ी के घुन, मिलीबग जैसे कीट पौधों की पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर उनकी बढ़त रोक देते हैं. ऐसे में रासायनिक कीटनाशकों की जगह नीम के तेल का उपयोग एक सुरक्षित और प्रभावी प्राकृतिक विकल्प माना जाता है, जो नुकसान भी नहीं पहुंचाता.

किसान पंकज कुमार ने बताया कि नीम का तेल पौधों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक कीटनाशक है. यह न केवल कीटों को खत्म करता है, बल्कि पौधों को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचाता. खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसके लिए ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ता.

उन्होंने बताया कि अगर पौधों पर कीटों का प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो नीम के तेल का स्प्रे हर सात दिन में करना चाहिए. इससे धीरे-धीरे कीट पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. इस मिश्रण का छिड़काव पत्तियों के ऊपर और नीचे दोनों तरफ करना जरूरी होता है, क्योंकि कई कीट पत्तियों के निचले हिस्से में छिपे रहते हैं. उन्होंने बताया कि नीम तेल कीटनाशक बनाने के लिए 1 से 2 चम्मच शुद्ध कोल्ड प्रेस्ड नीम का तेल, आधा चम्मच बेबी शैंपू और एक लीटर पानी की आवश्यकता होती है.

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उन्होंने बताया कि सबसे पहले एक लीटर पानी लें और उसमें आधा चम्मच बेबी शैंपू डालकर अच्छी तरह मिला लें. साबुन का उपयोग इसलिए किया जाता है, ताकि नीम का तेल पानी में अच्छी तरह घुल सके. इसके बाद इस मिश्रण में 1 से 2 चम्मच नीम का तेल डालें और उसे तब तक हिलाएं, जब तक तेल पूरी तरह पानी में मिल न जाए.

जब मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो इसे एक स्प्रे बोतल में भर लें. इसके बाद नीम के तेल का स्प्रे हमेशा सुबह जल्दी या शाम के समय करना चाहिए. तेज धूप में स्प्रे करने से पत्तियां जलने का खतरा रहता है.

उन्होंने बताया कि स्प्रे करते समय पौधों की पत्तियों के ऊपर के साथ-साथ नीचे की तरफ भी अच्छी तरह छिड़काव करना चाहिए. यही वह जगह होती है, जहां अधिकांश कीट छिपकर रहते हैं और पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं.

अगर पौधों पर कीटों का हमला ज्यादा हो, तो हर 7 से 10 दिनों के अंतराल पर इस मिश्रण का उपयोग करना चाहिए. नियमित उपयोग से पौधों पर कीटों का प्रकोप धीरे-धीरे खत्म हो जाता है और पौधे स्वस्थ तरीके से बढ़ने लगते हैं.

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