पुराने वादे ही अधूरे, आज नए करेगी ‘शहर’ सरकार: न हेरिटेज गेट बने, न गीता भवन; भोपाल नगर निगम का ₹3500 करोड़ से ज्यादा का बजट – Bhopal News


पुराने अधूरे वादों के बीच भोपाल ‘शहर सरकार’ आज फिर नए वादे करेगी। भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग में करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट पेश होगा। इसमें शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दे रखे जाएंगे, जबकि पिछले 2 साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं। 1 साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। इधर, गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष की जिम्मेदारों को घेरने की रणनीति है। सुबह 11 बजे बजट मीटिंग शुरू होगी। मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। तीन मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारी
इस बार बजट मीटिंग में 3 बड़े मुद्दे छाए रह सकते हैं। इनमें गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की हाल ही हुई कार्रवाई शामिल हैं। निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पिछली बैठक में भी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नई बिल्डिंग की अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत होने, बिल्डिंग से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत होने का मामला भी गरमाएगा। 14 पार्किंग का मुद्दा भी आएगा
बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है। लेगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव आएगा
परिषद की बैठक में आदमपुर खंती लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए प्रस्ताव भी आएगा। दो दिन पहले एमआईसी ने इसे परिषद में लाने का निर्णय लिया था। इसमें 55.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित कराए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव परिषद की बैठक में आएगा। इसे भी एमआईसी मंजूरी दे चुकी है। मेट्रो स्टेशन बने, लेकिन पार्किंग नहीं बनाई
बता दें कि भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इनमें से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही है। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ तो रहे हैं, लेकिन वे अपने वाहन यहां खड़ा नहीं कर सकते। इस मुद्दे पर मेट्रो अफसर दो महीने से पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। नगर निगम ने इस समस्या का हल निकाला है। इन जगहों पर पार्किंग रहेगी
सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग बनेगी। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे फिलहाल को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, तीनों जगह पर दूसरी पार्किंग है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ही बड़ी पार्किंग है। मेट्रो से आने-जाने वाले यात्री यहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। एम्स के पास मेट्रो की खुद की जमीन है। जहां पार्किंग विकसित होगी। एमपी नगर में ही निगम की एक पार्किंग है। यात्री वहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे। अब जानिए पिछले बजट में क्या था… भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10% का इजाफा, जलकर में 15 फीसदी की बढ़ोतरी
पिछले बजट में परिषद ने जल, प्रॉपर्टी और ठोस एवं अपशिष्ट पर टैक्स बढ़ाने के साथ कुछ ऐसे फैसले भी लिए थे, जिन्होंने सबको चौंका दिया था। शहर सरकार ने जनता पर टैक्स का बोझ डाला था तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि यानी, पार्षद, एमआईसी मेंबर, अध्यक्ष और महापौर की सालाना निधि दोगुनी कर दी गई थी। महापौर मालती राय ने सिटी बसों के लिए महापौर स्मार्ट पास शुरू करने की घोषणा की थी, जो एक साल में भी शुरू नहीं हो पाई। भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की बढ़ोतरी की गई। इससे भोपाल के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। ग्राफिक्स के जरिए पिछला बजट .

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