195 KM/H की रफ्तार से आया तूफान; उखड़े खंभे, उड़ीं छतें, घरों में दुबके लोग, हर ओर केवल तब

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Narelle Cyclone: एक बार फिर से चक्रवाती तूफान ने तबाही मचा कर रख दिया है. 195 किलोमीटर रफ्तार से आए इस तूफान और मूसलाधार बारिश से हाहाकार मच गई है. लाखों घरों की बत्ती गुल हो गई है. घरों की छतें, बिजली के खंभें और पेड़ पौधे सभी इस तूफान में उड़ गए हैं. पुलिस-प्रशासन ने लोगों को घरों में कैद रहने की चेतावनी दी है.

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तूफान के बाद उड़ा घर. (रॉयटर्स)

Cyclone Narelle Latest Update: प्रकृति ने खूंखार रूप ले लिया है. शुक्रवार, 20 मार्च को आए भीषण उष्णकटिबंधीय चक्रवात नारेल (Severe Tropical Cyclone Narelle) ने पूरे इलाके में मानो हाहाकार मचा दिया है. 195 किलोमीटर की तफ्तार से आए इस तूफान की वजह से इलाकों में भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. विनाशकारी हवाएं, मूसलाधार बारिश और भयंकर बिजली कटौती ने आम जनजीवन को पूरी तरह से पंगु बना दिया है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी राज्य में 195 किलोमीटर की रफ्तार से आए भीषण उष्णकटिबंधीय चक्रवात नारेल ने आम जन-जीवन को प्रभावित कर दिया है. चक्रवात नारेल ने जब जमीन से टकराकर लैंडफॉल (Landfall) किया, तब इसे ‘श्रेणी 4’ (Category 4) का तूफान बताया जा रहा है. यह श्रेणी सबसे खतरनाक मानी जाने वाली ‘श्रेणी 5’ से बस एक पायदान नीचे है. इसका मतलब है कि तूफान में तबाही मचाने की लगभग पूरी क्षमता है. जब यह तूफान तट से टकराया, तब हवाओं की रफ्तार 195 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी. इसके चपेट में आने से मजबूत से मजबूत इमारतों की छतें उड़ा सकती है और बड़े-बड़े पेड़ों को तिनके की तरह उखाड़ फेंक सकती है.

राडार इमेजरी में दिखा खौफनाक बवंडर

इंटरनेट पर विंडी डॉट कॉम (Windy.com) और अन्य मौसम रडार प्रणालियों से प्राप्त सैटेलाइट इमेजरी के टाइमलैप्स वीडियो में इस तूफान का खौफनाक रूप साफ देखा जा सकता है. वीडियो में चक्रवात ‘नारेल’ का विशालकाय बवंडर गोल-गोल घूमते हुए ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट की तरफ बढ़ता और फिर उसे निगलता हुआ दिखाई दे रहा है. अंतरिक्ष से ली गई इन रडार इमेजरी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कोई आम मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि एक जानलेवा प्राकृतिक आपदा है.

घरों में कैद हुए लोग

इस भयंकर बवंडर के कारण समूचे क्वींसलैंड के सुदूर उत्तरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. बिजली के खंभे और तार टूट जाने के कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है. भारी बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं ने इलाके के निवासियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी कीमत पर अपने घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. अधिकारियों का कहना है कि जब तक तूफान का असर पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तब तक बाहर निकलना सीधे मौत को दावत देने जैसा है.

प्रशासन की तैयारियां और आगे का खतरा

तूफान की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, लेकिन ‘नारेल’ की आक्रामकता ने सभी तैयारियों को बौना साबित कर दिया है. फिलहाल, बचाव और राहत दल स्टैंडबाय पर हैं, लेकिन तेज हवाओं के कारण बचाव कार्य शुरू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ घंटों तक यह तूफान इसी तरह का कहर बरपाता रहेगा.

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

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