बालाघाट जिले में शुक्रवार को सिंधी समाज ने इष्टदेव भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया। पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान देर शाम सिंधु भवन से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन और नगरवासी शामिल हुए। सजीव झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में भगवान झूलेलाल की मनमोहक प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इनमें भगवान शंकर का शिवलिंग, राधा-कृष्ण की रासलीला और भोलेनाथ की लीलाओं के दृश्यों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई रात को मोती तालाब पहुंची, जहां विशेष पूजन-अर्चन और भजन-कीर्तन के पश्चात बहराणा साहिब का विसर्जन किया गया। 17 मार्च से जारी थे कार्यक्रम सिंधी समाज के जिलाध्यक्ष अमर मंगलानी ने बताया कि जन्मोत्सव की तैयारियां 17 मार्च से ही शुरू हो गई थीं। उत्सव की कड़ी में गुरुवार सुबह सिंधु भवन से एक विशाल स्कूटर रैली निकाली गई थी, जिसने पूरे नगर का भ्रमण कर एकता का संदेश दिया। शुक्रवार सुबह सिंधी मोहल्ला और सिंधु भवन स्थित मंदिर में भगवान झूलेलाल का दूध से अभिषेक और विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दूध अभिषेक और विसर्जन के साथ पूर्णाहुति धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शाम को निकली शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। अंत में मोती तालाब के तट पर ज्योत प्रज्वलित कर और आरती के साथ महोत्सव की गरिमापूर्ण पूर्णाहुति हुई। सेवादारों ने दिन भर चले आयोजनों में व्यवस्थाएं संभालीं और सभी आगंतुकों को प्रसादी वितरित की। देखें तस्वीरें… .