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आर शंकर ने बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह के दिमाग का इलाज बिना दवाई के करने का दावा किया, जिससे उन्हें देशभर में अलग पहचान मिली. इस काम की चर्चा कई मंचों पर हुई और लोगों का ध्यान इस ओर गया.
दुनिया के जाने माने मनोवैज्ञानिक और एसोसिएट मेंबर ऑफ द इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, इंडिया इंजीनियर आर शंकर (Er R. Shankar) की किताब अंडरस्टैंडिंग एंड फिक्सिंग योर मेमोरी लॉस (Understanding and Fixing Your Memory Issues) की दुनियाभर में चर्चा में है. लेखक के मुताबिक यह किताब आज 150 देशों में पढ़ी जा रही है, जिससे उनकी सोच और शोध एक वैश्विक पहचान बनी है.
इन्होंने अब तक दुनिया के करीब 40 देशों में जाकर लोगों को दिमाग, मेमोरी और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के बारे में समझाने का काम किया है. वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बतौर स्पीकर आमंत्रित किए गए, जहां उन्होंने लोगों को दिमाग की कार्यप्रणाली और उसकी क्षमता के बारे में बताया.
इंजीनियर आर शंकर ने बताया कि किताब लिखने से पहले ही उन्हें 20 से 25 देशों में बतौर स्पीकर बुलाया गया था. वहां उन्होंने लोगों को दिमाग की ताकत, मेमोरी की क्षमता और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ को बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया.
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इन्होंने विदेशों में भी लोगों को दिमाग और मेमोरी से जुड़े विषयों को गहराई से समझाया. उनके लेक्चर में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और दिमाग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछते हैं.
आर शंकर ने बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह के दिमाग का इलाज बिना दवाई के करने का दावा किया, जिससे उन्हें देशभर में अलग पहचान मिली. इस काम की चर्चा कई मंचों पर हुई और लोगों का ध्यान इस ओर गया.
बताया जाता है कि कई बार जिला जज ने उन्हें जेल में जाकर कैदियों को मानसिक रूप से सुधारने और उनका इलाज करने की अनुमति दी. वहां उन्होंने कैदियों को दिमाग और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं को समझाने का प्रयास किया.
आर शंकर को अमेरिका सहित कई देशों में दिमाग से जुड़े विषयों पर इलाज और बच्चों को दिमाग की क्षमता विकसित करने के तरीके सिखाने के लिए बुलाया जाता है. विदेशों में उनकी फीस भी काफी अधिक बताई जाती है और कई जगहों से उन्हें सम्मान भी मिल चुका है.