Eid 2026 Date Confirmed: सऊदी अरब में शव्वाल का नया चांद (हिलाल) दिखाई नहीं देने की आधिकारिक पुष्टि बीते दिन 18 मार्च को ही कर दी गई थी. शव्वाल का नया चांद दिखाई नहीं देने के कारण सऊदी अरब में 19 मार्च को रमजान का आखिरी रोजा रखा गया और शुक्रवार 20 मार्च को सऊदी में ईद-उल-फितर मनाया जाएगा.
सऊदी अरब में ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr 2026) की तारीख की आधिकारिक घोषणा के बाद भारत में भी ईद की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी और सभी कि निगाहें आसमान में ही टिकी थी. लेकिन 19 मार्च को भारत में दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ समेत कहीं भी शव्वाल का नया चांद (हिलाल) नजर नहीं आने की पुष्टि की गई. इसके बाद ईद की तारीख भी तय हो गई है.
ईद की तारीख में 20-21 मार्च का कंफ्यूजन खत्म
सऊदी अरब में 20 मार्च 2026 को जुमे (शुक्रवार) के दिन ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा. वहीं भारत में शनिवार 21 मार्च को ईद का दिन रहेगा. नई दिल्ली के जामा मस्जिद के उप शाही इमाम सैयद शबान बुखारी और लखनऊ इस्लामिक सेंटर के चैयरमैन मौलाना खालिद रशीद ने 19 मार्च की शाम यह घोषणा की थी कि, भारत में कहीं भी चांद नजर नहीं आया है इसलिए शनिवार, 21 मार्च को ईद-उल-फितर रहेगा.
ये भी पढ़ें: Alvida Jumma 2026: अलविदा जुमा की आखिर इतनी फजीलत क्यों, जानें हदीस और कुरान में क्या कहा गया
बाजारों में रौनक
ईद की तारीख की आधिकारिक घोषणा के बाद सऊदी से लेकर भारत और दुनियाभर में बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग ईद की तैयारियों में जुट गए हैं. मुसलमान एक दूसरे को गले लगाकर चांद रात और ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं. वहीं मस्जिदों से लेकर बाजारों तक हर जगह ईद की रौनक देखने को मिल रही है. इस साल माह-ए-रमजान का 30 दिनों का रोजा पूरा करने के बाद ईद मनाई जाएगी. इसलिए ईद से पहले की रात मुसलामनों के लिए उत्साह और इबादत से भरा है.
मस्जिद और ईदगाहों में तैयारियां तेज
चांद नजर आने के बाद ईद-उल-फितर की नमाज को लेकर मस्जिद और ईदगाहों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं. प्रशासन की ओर से नमाज के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है जिससे कि, बड़ी संख्या में लोग एक साथ नमाज अदा कर सकें. ईद की सुबह मुसलमान नए कपड़े पहनकर मस्जिद और ईदगाह में ईद की विशेष नमाज अदा करते हैं, मुक्ल के अमन व चैन की कामना करते हैं, जकात अदा करते हैं और फिर एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं.
ईद पर जकात-उल-फितरा का महत्व
ईद-उल-फितर पर जकात देना जरूरी माना जाता है. यह इस्लाम के 5 स्तंभों में एक है. जकात का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना होता है, जिससे कि गरीब लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें.
ये भी पढ़ें: Eid-ul-fitr Moon 2026: ईद का नया चांद देखने की जरूरी शर्तें क्या हैं, जान लें नियम
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
.