SMS के पीछे लिखा है S, P, G या T, जान लीजिए इनका मतलब

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Spam SMS Alert: आज स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अभिन्‍न अंग बन गया है. इससे सुविधा तो हुई है साथ ही फ्रॉड का खतरा भी खूब बढ़ गया है. सुबह उठते ही हमारे फोन का नोटिफिकेशन पैनल अनगिनत मैसेज से भरा होता है, जिनमें से कुछ बैंकिंग अलर्ट होते हैं तो कुछ लुभावने ऑफर्स वाले विज्ञापन. इन संदेशों की भीड़ में असली और फर्जी मैसेज की पहचान करना काफी चुनौतीपूर्ण है. अक्सर लोग जल्दबाजी में किसी किसी गलत मैसेज को खोल लेते हैं, जिससे जिससे उनके बैंक खाते या व्यक्तिगत डेटा खतरे में पड़ जाता है.

मोबाइल यूजर्स को ठगों से बचाने के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक नियम बनाया है कि हर कमर्शियल मैसेज के सेंडर आईडी (Sender ID) के अंत में ‘-P’, ‘-S’, ‘-T’ या ‘-G’ मे से कोई एक खास अक्षर होना जरूरी. इनसे यूजर को मैसेज खोलने से पहले ही पता चल जाता है कि यह कोई काम का मैसेज है या फिर सिर्फ फालतू का विज्ञापन. अगर आप इन चार अक्षरों का मतलब समझ गए तो आप भी फ्रॉड से बच जाएंगे.

सबसे पहले बात करते हैं ‘P’ अक्षर की, जिसका पूरा मतलब ‘Promotional’. यदि आपको मिलने वाले किसी मैसेज के सेंडर नाम के अंत में ‘P’ लिखा है, तो समझ लीजिए कि यह केवल एक विज्ञापन या मार्केटिंग संदेश है. उदाहरण के तौर पर यदि आपको ‘AD-Myntra-P’ जैसा कोई हेडर दिखता है तो आप बिना मैसेज खोले समझ सकते हैं कि यह सिर्फ एक प्रमोशनल अलर्ट है.

मैसेज की दूसरी महत्वपूर्ण श्रेणी ‘T’ है. इसका अर्थ है ‘Transactional’ होता है. यह सबसे संवेदनशील मैसेज माने जाते हैं. आपके बैंक से आने वाले ओटीपी (OTP), नेट बैंकिंग के अलर्ट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे कटने की सूचना आदि के मैसेज के पीछे टी लिखा होता है. जैसे ‘AX-Axis-T’ या ‘HDFCBN-T’. चूंकि ये सीधे आपके वित्तीय लेन-देन से जुड़े होते हैं, इसलिए इन्हें ध्यान से पढ़ना और सुरक्षित रखना आपकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है.

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कोड ‘S’ है, जो ‘Service’ संदेशों को दर्शाता है और यह आपको किसी विशेष अपडेट की जानकारी देते हैं. इन मैसेज का उद्देश्य आपको किसी सेवा के बारे में याद दिलाना या रिमाइंडर भेजना होता है, जैसे कि आपके बिजली या मोबाइल बिल के भुगतान की आखिरी तारीख. इसके अलावा, आपकी फ्लाइट की टिकट कंफर्मेशन या स्टेटस अपडेट के पीछे भी ‘S’ अक्षर लगा होता है.

चौथा और सबसे आधिकारिक कोड ‘G’ है, जिसका अर्थ ‘Government’ होता है. जब भी केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से कोई सार्वजनिक सूचना, वैक्सीनेशन अपडेट या किसी आपदा प्रबंधन की चेतावनी जारी की जाती है, तो उसके अंत में ‘G’ लिखा होता है. इस कोड का उपयोग केवल पंजीकृत सरकारी विभागों द्वारा ही किया जा सकता है.

स्पैम और फर्जी मैसेज को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप सेंडर के मोबाइल नंबर के फॉरमेट पर गौर करें. बैंक, प्रतिष्ठित कंपनियां या सरकारी संस्थाएं हमेशा 6 या 8 अक्षरों वाले हेडर और इन क्लासिफिकेशन कोड (S, P, G, T) का ही इस्तेमाल करती हैं. यदि आपके पास किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से मैसेज आए तो होशियार हो जाएं.

किसी भी अनजान नंबर से आए संदेश में दिए गए लिंक पर कभी क्लिक न करें. ये लिंक अक्सर फिशिंग वेबसाइट्स पर ले जाते हैं जो आपके फोन का एक्सेस ले सकती हैं या आपकी बैंकिंग डिटेल चुरा सकती हैं. इसके अलावा, अपना ‘OTP’ कभी भी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह फोन पर बैंक अधिकारी बनकर ही क्यों न बात कर रहा हो.

TRAI द्वारा शुरू किए गए इस अल्फाबेट कोडिंग सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपका कीमती समय और मेहनत बचाता है. अब आपको हर फालतू विज्ञापन को खोलकर पढ़ना नहीं पड़ेगा. साथ ही आप फ्रॉड से भी बच जाएंगे. याद रखें आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा साथी है.

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