पिछले दिनों पाकिस्तानी क्रिकेटर अबरार अहमद चर्चा का केंद्र बने रहे, जिन्हें द हंड्रेड ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स टीम ने खरीदा था. IPL टीमों के लिए लंबे अरसे से कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला है. ऐसा क्या कारण है कि आईपीएल में अब पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेलते हैं और BCCI ऐसा होने की अनुमति क्यों नहीं देता है. इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2008 में हुई थी और वह आखिरी सीजन था जब BCCI द्वारा संचालित IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलते देखा गया था.
IPL में क्यों नहीं खेलते पाकिस्तानी?
2008 के बाद कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी IPL में नहीं खेला है. उसी साल 26 नवंबर को मुंबई में आतंकी हमला हो गया था, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. बिगड़ते राजनीतिक रिश्तों के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से प्रतिबंधित कर दिया गया था. BCCI ने साल 2009 से लेकर अब तक पाकिस्तानी क्रिकेटरों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी है.
बैन के बावजूद खेले अजहर महमूद
पाकिस्तान के क्रिकेटर आईपीएल से बैन हो चुके थे, लेकिन पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी अजहर महमूद फिर भी कोलकाता नाइट राइडर्स और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेल चुके हैं. आखिर ऐसा हुआ कैसे? दरअसल महमूद 2012-13 में पंजाब किंग्स (पहले किंग्स इलेवन पंजाब) के लिए खेले और अपना आखिरी सीजन 2015 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले थे.
महमूद ने ब्रिटिश नागरिकता ली थी और ब्रिटिश नागरिक होते हुए उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति मिली थी. महमूद ने अपने आईपीएल करियर में 23 मैच खेलकर 29 विकेट लिए और 388 रन बनाए थे. खैर अब पाकिस्तान अपनी टी20 लीग PSL शुरू कर चुका है, जिसका आगाज 2016 में हुआ था. दूसरी ओर बीसीसीआई किसी भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर को किसी विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं देता है. इसलिए भारतीय क्रिकेटर पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया या फिर इंग्लैंड की भी किसी फ्रेंचाइजी लीग में खेलते हुए नहीं दिखते हैं.
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