अनूपपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2026’ का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। जैतहरी जनपद के ग्राम बकेली में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जोरहा तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का पूजन कर अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्य पर 4 लाख रुपए की लागत आएगी। जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और गर्मियों में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत एक गंभीर चुनौती बन गई है। इसी समस्या से निपटने और जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण में जन भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है। नागरिक समझें अपनी जिम्मेदारी जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह ने जोरहा तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का पूजन कर अभियान का आगाज किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जब तक नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक सरकारी प्रयासों को पूर्ण सफलता नहीं मिल पाएगी। उन्होंने जल की महत्ता पर जोर देते हुए नागरिकों से जल स्रोतों और तालाबों को सहेजने के लिए आगे आने की अपील की। नवीन जल संरचनाओं के निर्माण पर फोकस जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने बताया कि पिछले दो वर्षों की सफलता को देखते हुए इस बार नवीन जल संरचनाओं के निर्माण, भूजल संवर्धन और राजस्व रिकॉर्ड में नहरों और जल निकायों को दर्ज करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आह्वान किया कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक ‘जन आंदोलन’ बनना चाहिए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती वाल्मीकि राठौर ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और भविष्य की पीढ़ी का जीवन पूरी तरह जल की उपलब्धता पर निर्भर है। जैतहरी जनपद अध्यक्ष राजीव सिंह ने गिरते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए हर बूंद को सहेजने की अपील की। जनपद सदस्य सत्यनारायण ‘फुक्कू’ सोनी ने भी सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि आज की सजगता ही भविष्य को खुशहाल बनाएगी। इस वर्ष 15वें वित्त आयोग से 4 लाख रुपए की लागत से जोरहा तालाब का कायाकल्प किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मानसून से पहले जल स्रोतों के किनारे पौधरोपण, जल संरचनाओं की मरम्मत और उन्हें प्रदूषण मुक्त करने का कार्य भी किया जाएगा। इसी क्रम में, जनपद पंचायत कोतमा के ग्राम पंचायत बेलगांव की कनई नदी में जनपद अध्यक्ष जीवन सिंह धुर्वे के नेतृत्व में श्रमदान और साफ-सफाई का कार्य भी किया गया।