डॉक्टर की नौकरी छोड़ इस शख्स ने शुरू किया ऐसा बिजनेस, आज लाखों में कर रहा कमाई

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Business Success Story: कहते हैं कि काम कोई भी हो, जिस काम में अधिक आमदनी होती है, व्यक्ति वही कारोबार करना चाहता है. कुछ ऐसी ही कहानी है चित्रकूट निवासी डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह की, जिन्होंने डॉक्टरी छोड़ एक ऐसा बिजनेस शुरू किया, जिसमें अब उन्हें लाखों की कमाई हो रही है.

चित्रकूट: आज के दौर में जहां युवा सुरक्षित नौकरी को ही करियर का आधार मानते हैं, वहीं कुछ लोग जोखिम उठाकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. बुंदेलखंड के चित्रकूट से एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक पशु चिकित्सक ने नौकरी छोड़कर कुक्कुट पालन को अपनाया और आज वह लाखों का कारोबार खड़ा कर चुके हैं. इसके साथ ही नौकरी से चार गुना ज्यादा पैसा भी कमा रहे हैं.

70 लाख रुपए का लिया लोन
हम बात कर रहे हैं चित्रकूट के मऊ तहसील पियरा गांव के रहने वाले डॉ. पुष्पेंद्र सिंह की, जिन्होंने कुक्कुट पालन अपनाया है. वह मुर्गियों के अंडों को बाहर बेचकर पहले से चार गुना अधिक पैसा कमा रहे हैं. मुर्गी पालन करने वाले डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने नौ साल तक हरियाणा और उन्नाव में निजी पशु चिकित्सा के रूप में काम किया, लेकिन मिलने वाले पैसे से वह संतुष्ट नहीं थे. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला उठा लिया था. वह अपने घर आ गए, इसके बाद उन्होंने खुद का सेटअप शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत 70 लाख रुपए का इंडियन बैंक से लोन ले लिया.

12000 मुर्गियां पालने का प्रोजेक्ट
डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि पहले वह डॉक्टर की नौकरी करते थे, लेकिन नौकरी में उनको ज्यादा पैसा ना मिलने के कारण उन्होंने बिजनेस करने के लिए ठानी. साल 2023 में पिता के खत्म हो जाने के बाद वह अपने घर वापस आ गए थे. कुछ दिन बाद उन्होंने बैंक से ऋण लेकर 12000 मुर्गियां पालने का प्रोजेक्ट शुरू किया. इस प्रोजेक्ट से अब उनका फार्म हाउस प्रतिदिन लगभग 11400 अंडों का उत्पादन करता है.

अब खोलेंगे दूसरा कुक्कुट पालन
उन्होंने बताया कि मेरा वार्षिक कारोबार लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है, जिसमें से 25 लाख रुपए की शुद्ध आए हो रही है. उनका कहना है कि उनको यह करते हुए अभी एक साल ही हुआ है. अंडे की डिमांड इतनी ज्यादा है कि लगभग 1 साल बाद वह दूसरा कुक्कुट पालन भी खोलेंगे. कुक्कट पालन में लगभग 10 लोगों को रोजगार भी दिए हुए हैं. हर तीन से चार दिनों में वह अंडों को बाहर बेच देते हैं. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि कुक्कट विकाश नीति के तहत लोन लेने से उनको 7% की सब्सिडी भी मिली है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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