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जबलपुर के मुक्तिधामों में अभी एक क्विंटल लकड़ी के लिए 2500 से 2800 रुपये तक खर्च करना पड़ता है, लेकिन गोकाष्ठ के आने के बाद ऐसा नहीं होगा. गोकाष्ठ काफी सस्ता पड़ेगा. साथ ही पेड़ों की कटाई भी रुकेगी. जानें नगर निगम का प्रयोग…
Jabalpur News: पर्यावरण के संरक्षण लिए जबलपुर नगर निगम ने एक प्रयोग किया है. अब शहर के मुक्तिधामों में अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ लकड़ी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. नगर निगम ने गोबर और भूसे से ‘गोकाष्ठ’ यानी गोबर की लकड़ी बनाने की शुरुआत की है, जो सस्ता होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर होगी. इस प्रोजेक्ट के तहत निगम ने फरीदाबाद से दो मशीनें मंगवाई हैं, जहां एक मशीन की कीमत करीब 60 हजार है.
इन मशीनों को उमरिया और तिलवारा गौशाला में लगाया गया है. उमरिया गौशाला में अभी करीब 300 मवेशी हैं, जबकि इसकी क्षमता 10 हजार तक है. वहीं, तिलवारा गौशाला में करीब 1200 मवेशी हैं. इन गौशालाओं से निकलने वाले गोबर और भूसे को मशीन में डालकर ठोस गोकाष्ठ तैयार किया जाएगा, जो बिल्कुल लकड़ी की तरह इस्तेमाल होगा. नगर निगम की ओर से भी इन गोकाष्ठ को तैयार किया जा रहा है. इसके बाद इसका रेट तय किया जाएगा.
लकड़ी से मिलेगी राहत, सस्ता पड़ेगा गोकाष्ठ
सबसे बड़ी राहत आम लोगों को मिलेगी. अभी मुक्तिधामों में एक क्विंटल लकड़ी के लिए 2500 से 2800 रुपये तक खर्च करना पड़ता है. वहीं, बताया जा रहा कि गोकाष्ठ पेड़ की लकड़ी से काफी सस्ता होगा. इससे लोगों की जेब पर बोझ कम पड़ेगा और पेड़ों की कटाई भी रुकेगी. मशीनों की मदद से गोबर और भूसे को दबाकर लकड़ी जैसी आकृति दी जाती है, फिर इसे सुखाकर इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है. यह जल्दी जलता है और लकड़ी के मुकाबले कम धुआं छोड़ता है, जिससे प्रदूषण भी कम होता है.
नगर निगम का कहना है कि आने वाले समय में इन गोकाष्ठ को शहर के मुक्तिधामों में सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा. लिहाजा यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों को राहत देगी. बता दें कि नगर निगम जबलपुर तीन गौशालाएं संचालित करता है, जिसमें उमरिया, तिलवारा और रामपुर की गौशाला शामिल है. इसमें तकरीबन 1500 से ज्यादा मवेशी हैं. बहरहाल नगर निगम के इस कदम से अंतिम संस्कार में होने वाले खर्च में भी कमी आएगी.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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