पलामू: आज के समय में महिलाएं घर की चौखट पार कर न केवल परिवार की जिम्मेदारी उठा रही हैं. बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत भी बन रही हैं. सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHG) ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का नया रास्ता दिखाया है. इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड की कंकारी गांव की प्रतिमा देवी हैं. आइये जानते हैं प्रतिमा देवी के बारे में.
संघर्ष से शुरू हुई प्रतिमा की कहानी
प्रतिमा देवी बताती हैं कि पहले उनके पति मजदूरी करते थे, लेकिन उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था. आर्थिक तंगी के कारण घर की जरूरतें पूरी करना एक बड़ी चुनौती बन गया था. ऐसे में उन्होंने कुछ नया करने की ठानी. जिसके बाद वह अपने हुनर को निखारने की ठानी.
समूह से जुड़कर मिला नया रास्ता
प्रतिमा देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आगे बढ़ने का निर्णय लिया. समूह से जुड़ने के बाद उन्हें व्यवसाय शुरू करने का विचार आया. जिसके बाद वो समूह से जुड़कर व्यस्त करने का मन बनाया. उन्होंने और उनके पति ने मिलकर एक छोटा होटल (नाश्ता दुकान) खोलने की योजना बनाई, जिससे नियमित आय का स्रोत तैयार हो सके.
लोन लेकर शुरू किया व्यवसाय
करीब 4 साल पहले उन्होंने समूह के माध्यम से 1 लाख रुपये का लोन लिया और कुछ पैसे घर से लगाकर अपने होटल की शुरुआत की. शुरुआत में चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने अपने व्यवसाय को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया. आज उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है.
आज बन चुकी हैं सफल उद्यमी
आज प्रतिमा देवी का छोटा सा होटल अच्छी आय का जरिया बन चुका है. उनके यहां समोसा, चाट, जलेबी और विभिन्न प्रकार के नाश्ते उपलब्ध हैं, जिसमें उनके पति भी उनकी मदद करते है. उनकी मेहनत का नतीजा है कि अब हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है.
परिवार की बदली आर्थिक स्थिति
इस आय से अब उनके परिवार का खर्च आसानी से चल रहा है. पहले जहां रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल था, वहीं अब परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो गया है. बच्चों की पढ़ाई और घर की अन्य जरूरतें भी आसानी से पूरी हो रही हैं. प्रतिमा देवी आगे अपने व्यवसाय को और बढ़ाने की योजना बना रही हैं. वे फिर से लोन लेकर अपने होटल का विस्तार करना चाहती हैं, ताकि आय के नए अवसर पैदा हो सकें और ज्यादा मुनाफा कमा सकें.
दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा
प्रतिमा देवी की सफलता कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो कुछ करना चाहती हैं, लेकिन अवसर की तलाश में हैं. यह उदाहरण साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
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