Thick Curd Recipe: घर पर दही जमाना जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं. कभी दही खट्टा हो जाता है, कभी इतना पतला कि चम्मच से उठाते ही पानी अलग दिखने लगता है. कई लोग बाजार जैसा गाढ़ा, क्रीमी दही बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन रिजल्ट वैसा नहीं आता. ऐसे में अब एक आसान ट्रिक सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, जिसे कुसुम भट्ट ने शेयर किया है. दिलचस्प बात ये है कि इस तरीके से जमाया गया दही इतना सेट होता है कि बर्तन उल्टा करने पर भी नहीं गिरता. सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन जब आप इसे घर पर ट्राई करेंगे तो फर्क साफ नजर आएगा. आइए समझते हैं ये पूरा तरीका, जो आपके किचन में रोज बनने वाले दही को एकदम परफेक्ट बना सकता है.
गाढ़ा दही बनाने की शुरुआत सही दूध से होती है
-घर में अच्छा दही जमाने का पहला नियम है सही दूध चुनना, अगर आप पतला दूध इस्तेमाल करेंगे तो दही भी वैसा ही बनेगा. इसलिए हमेशा फुल क्रीम दूध लेना बेहतर रहता है.
-दूध को उबालते वक्त भी थोड़ी सावधानी जरूरी है. इसे तेज आंच पर उबालें, फिर आंच धीमी करके 2-3 मिनट तक पकने दें. इससे दूध में मौजूद पानी थोड़ा कम हो जाता है और दही जमने के बाद ज्यादा गाढ़ा बनता है. कई लोग इस स्टेप को नजरअंदाज कर देते हैं, और यही सबसे बड़ी गलती होती है.
तापमान का खेल: ज्यादा गरम या ठंडा, दोनों गलत
कैसे पहचानें सही तापमान?
दूध उबालने के बाद उसे सीधे जामन में नहीं डालना चाहिए. पहले उसे थोड़ा ठंडा होने दें, लेकिन ध्यान रखें, दूध पूरी तरह ठंडा भी न हो जाए.
एक आसान तरीका है-अपनी उंगली दूध में डालकर देखें, अगर आप करीब 10 सेकंड तक गर्मी सह पा रहे हैं, तो समझिए तापमान सही है. यही वो स्टेज है जहां दही सबसे अच्छे से जमता है.
बर्तन को ग्रीस करने की स्मार्ट ट्रिक
क्या है ये खास तरीका?
यही वो ट्रिक है जिसने इस पूरे तरीके को खास बना दिया है. जिस बर्तन में दही जमाना है, उसमें पहले एक चम्मच पुराना दही डालें और उसे पूरे बर्तन में अच्छी तरह फैला दें-दीवारों और तली तक.
इससे होता क्या है? दही के बैक्टीरिया बर्तन की सतह पर पहले से एक्टिव हो जाते हैं. जब आप उसमें दूध डालते हैं, तो जमने की प्रक्रिया तेजी से और बराबर होती है. यही वजह है कि दही ज्यादा सेट और गाढ़ा बनता है.
दूध को फेंटना क्यों है जरूरी?
दूध को सीधे डालकर छोड़ देने के बजाय एक छोटा सा स्टेप और जोड़ें-फेंटना.
बर्तन में दूध डालने के बाद उसे 2-3 बार एक बर्तन से दूसरे बर्तन में पलटें. इससे दूध में हल्का झाग बनता है. ये झाग दिखने में भले छोटा लगे, लेकिन काम बड़ा करता है.
इस प्रक्रिया से जामन के बैक्टीरिया पूरे दूध में अच्छी तरह फैल जाते हैं. नतीजा-दही ज्यादा स्मूद, क्रीमी और एकसार बनता है.
जमाने का सही माहौल भी जरूरी है
गर्मी और सर्दी में क्या फर्क रखें?
दही जमाने के बाद उसे सही जगह रखना भी उतना ही जरूरी है. गर्मियों में इसे बाहर 5-6 घंटे रखना काफी होता है, लेकिन सर्दियों में थोड़ा ध्यान देना पड़ता है.
सर्द मौसम में आप बर्तन को किसी गर्म कपड़े में लपेट सकते हैं या माइक्रोवेव (बंद) के अंदर रख सकते हैं. इससे अंदर हल्की गर्मी बनी रहती है और दही सही तरीके से जमता है.
फ्रिज में रखने का आखिरी स्टेप, जो बदल देता है गेम
क्यों जरूरी है ये स्टेप?
अक्सर लोग दही जमते ही उसे खाने लगते हैं, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि दही एकदम सख्त और सेट बने, तो इसे थोड़ी देर फ्रिज में जरूर रखें.
करीब 30 मिनट से 1 घंटे तक फ्रिज में रखने से दही का स्ट्रक्चर सेट हो जाता है. यही वो स्टेप है जो दही को इतना मजबूत बनाता है कि आप बर्तन उल्टा करके भी देखें, तो दही अपनी जगह से नहीं हिलता.
रोजमर्रा की छोटी गलतियां, जो दही खराब कर देती हैं
कई बार हम सोचते हैं कि दही जमाना तो आसान है, फिर भी सही क्यों नहीं बनता. इसकी वजह छोटी-छोटी गलतियां होती हैं-
-बहुत ज्यादा जामन डाल देना
-दूध का सही तापमान न रखना
-बार-बार बर्तन हिलाना
-पतला दूध इस्तेमाल करना
इन चीजों से बचेंगे तो हर बार अच्छा रिजल्ट मिलेगा.
अगर आप भी चाहते हैं कि घर का दही बाजार जैसा गाढ़ा और मलाईदार बने, तो ये आसान ट्रिक जरूर अपनाएं. बर्तन को ग्रीस करना, दूध को फेंटना और सही तापमान-ये तीन बातें आपके दही को पूरी तरह बदल सकती हैं.
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