छतरपुर जिले में मंगलवार को माइनिंग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों से दो दर्जन से अधिक बालू से भरे ट्रैक्टर जब्त किए हैं, जिसके बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अवैध रेत के उत्खनन और परिवहन की लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में यह छापेमारी की गई। टीम ने गायत्री मंदिर के पास स्थित बालू मंडी, महोबा रोड और राजनगर रोड पर एक साथ संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। प्रशासन की टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई ट्रैक्टर चालक अपने वाहन छोड़कर फरार हो गए। संयुक्त अभियान में शामिल रहे कई थानों के जवान इस संयुक्त अभियान में आईपीएस लेखराज मीणा, सीएसपी अरुण सोनी, खनिज अधिकारी अमित मिश्रा और तहसीलदार पीयूष दीक्षित शामिल थे। इन अधिकारियों के निर्देशन में सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना पुलिस के जवानों ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी लगातार इसी तरह का सख्त अभियान चलाया जाएगा। लोगों ने उठाए सवाल- माफियाओं पर हो असली कार्रवाई इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रेत माफियाओं पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल ट्रैक्टर जब्त करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि असली कार्रवाई अवैध उत्खनन कर बालू बेचने वालों पर होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि मुख्य माफिया ट्रैक्टर-डंपर चालकों से मोटी रकम वसूलते हैं और कई जगहों पर नियमित रूप से ‘महीना’ लिया जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन माफियाओं की जड़ तक कार्रवाई करेगा, तभी इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सकेगी। देखिए कार्रवाई के दौरान की तस्वीरें… .