भारत पेट्रोलियम में मैनेजर की नौकरी छोड़ गांव में खड़ी कर दी पशु आहार फैक्ट्री

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बिहार के पूर्वी चंपारण के एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र के पशुपालकों का दर्द समझा और अपनी नौकरी छोड़ पशु आहार का बड़ा व्यापार खड़ा कर लिया. इस व्यक्ति ने पशु आहार की एक ऐसी फैक्ट्री खोली जो आज जिले की शान बन चुकी है. आज यहां का माल पूरे बिहार में जाता है. जिले में ऐसी फैक्ट्री खुलने से मक्का किसानों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है.

पूर्वी चंपारण. बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक ऐसे सफल व्यक्ति की कहानी सामने जो हैरान करती है. दरअसल, पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि प्रखंड के घोघराहा गांव के निवासी अभिमन्यु सिंह ने अपने जिले के पशुपालकों की जरूरत को देखते हुए पशु आहार का निर्माण करने वाली एक बड़ी फैक्ट्री खोल ली है और अब उनके यहां से बस जिले ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में माल भेजा जा रहा है. यहीं नहीं, बल्कि जिले में इस तरह की फैक्ट्री खुलने से मक्का किसानों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है.

बता दें कि, यह राम लक्ष्मी पशु आहार फैक्ट्री जिले में पशु आहार तैयार करने वाली इकलौती फैक्ट्री है. इस फैक्ट्री के मालिक अभिमन्यु सिंह बताते हैं कि पहले वो भारत पेट्रोलियम की एक शाखा में मैनेजर के पोस्ट पर कार्यरत थे लेकिन वो नौकरी से कभी संतुष्ट नहीं थे और हमेशा हीं खुद का कोई बड़ा व्यापार करने की सोचते थे. उनका कहना है कि वो एक सामान्य परिवार से थे और उनके पिता स्वर्गीय रामलक्षण सिंह महज एक साधारण किसान थे.

फैक्ट्री खोलने के लिए लेना पड़ा था लोन
वे बताते हैं कि बचपन से ही उनके ऊपर एक अच्छी नौकरी का दबाव था. इसलिए डिप्लोमा करने के तुरंत बाद उन्होंने नौकरी कर ली. नौकरी के दौरान भी अभिमन्यु गांव आया जाया करते. वे बताते हैं कि उनके गांव या आस-पास के गांव बड़ी संख्या में पशुपालक हैं जो उस समय पशु आहार समय पर ना मिलने की समस्या से जूझ रहे थे. वे बताते हैं कि ये कोरोना का समय था जब लॉकडाउन की वजह से पशु आहार की भी समस्या उत्पन्न हो गई थी. उसी समय उन्होंने मन बना लिया कि वो अब ऐसी एक फैक्ट्री जरूर खोलेंगे जहां पशु आहार तैयार किया जा सके. फिर उन्होंने फैक्ट्री के लिए जमीन खरीदी लोन लिया और करीब एक साल के बाद अपने इस महत्वाकांक्षी कार्य में सफल हुए.

अभिमन्यु आज बेहद खुश हैं कि उनके इस कदम से क्षेत्र के पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है. वे बताते हैं कि पशु आहार तैयार करने में मक्का की भी आवश्यकता पड़ती है इसलिए जिले के मक्का किसानों की अतिरिक्त कमाई भी बढ़ गई है.

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Mohd Majid

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