शरीर में विटामिन ‘डी’ की कमी कितनी खतरनाक, इससे किन बीमारियों का खतरा?

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What Happens When Your Body Lacks Vitamin D: विटामिन D को अक्सर सनशाइन विटामिन कहा जाता है, क्योंकि इसका सबसे बड़ा सोर्स सूरज की रोशनी है. हाल के वर्षों में यह सवाल काफी चर्चा में रहा है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन D की कितनी मात्रा जरूरी है और कैसे पता लगाया जाए कि शरीर में इसकी कमी तो नहीं है. हालांकि एक बात पर एक्सपर्ट की सहमति है वह है कि विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है. अगर शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिलती या भोजन के जरिए इसकी सही मात्रा नहीं मिलती, तो इसकी कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है. 

किन लोगों को होती है दिक्कत

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था yalemedicine के अनुसार,  विटामिन D की कमी किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है. छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह समस्या देखी जाती है. खासकर जो बच्चे केवल ब्रेस्टफीडिंग पर निर्भर होते हैं, उन्हें मां के दूध से पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता, इसलिए कई बार डॉक्टर उन्हें सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं. वहीं बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की क्षमता कम हो जाती है, जिससे शरीर में विटामिन D बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है.

दरअसल, विटामिन D शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस को अब्जॉर्ब करने में अहम भूमिका निभाता है. ये दोनों तत्व हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी होते हैं. जब शरीर में विटामिन D की कमी हो जाती है, तो कैल्शियम का सही तरीके से अब्जॉर्ब नहीं हो पाता. इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

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इसकी कमी के क्या होते हैं लक्षण

विटामिन D की कमी होने पर शरीर में कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जैसे हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, शरीर में थकान और मांसपेशियों में ऐंठन. कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झुनझुनी जैसा महसूस हो सकता है. गंभीर मामलों में हड्डियां जल्दी टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है. बुजुर्गों में इसकी गंभीर कमी गिरने और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ा सकती है.

कमी के क्या होते हैं कारण

इस कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं. धूप में कम समय बिताना, पोषण की कमी, गहरे रंग की त्वचा, कुछ दवाइयों का सेवन या किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां भी शरीर में विटामिन D के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं. कुछ मामलों में यह समस्या जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार अगर शरीर में विटामिन D का स्तर बहुत कम हो जाए, तो हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए संतुलित आहार, नियमित धूप और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना शरीर में विटामिन D के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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