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दुनिया के कई देशों के बीच इस वक्त जंग छिड़ी हुई है. जहां हर कोई कोई भयानक नुकसान झेल रहा है लेकिन एक युद्ध ऐसा भी था, जिसमें दुनिया की 11 परसेंट आबादी मिटा दी गई थी. इस जंग के बाद धरती ठंडी पड़ गई थी और क्लाइमेट चेंज के हालात देखने को मिले थे. बताया जाता है कि इस जंग के बाद जीतने वालों ने लाशों के सिर से पहाड़ बनाया था.
वो जंग जिसके बाद बदल गया था धरती का क्लाइमेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुनिया में एक युद्ध ऐसा भी था जिसमें धरती से 11 प्रतिशत आबादी खत्म हो गई थी. ये जंग मंगोल साम्राज्य के विस्तार की थी. जो लगभग 1206 से 1368 तक चली थी और ये महायुद्ध लड़ा था मंगोल साम्राज्य का संस्थापक माने जाने वाले क्रूर सुल्तान चंगेज खान ने, जो राजा नहीं, बल्कि मौत का दूसरा नाम था. चंगेज खान ने अपनी तलवार चलाकर भूगोल बदल दिया और इतना खून बहाया कि धरती ही ठंडी पड़ गई थी. कत्लेआम का मंजर इतना भयावह था कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के मारे जाने से खेती बंद हो गई थी, जगह-जगह जंगल उग आए. वैज्ञानिक मानते हैं कि इससे धरती का तापमान तक गिर गया था.
खोपड़ियों के मीनार और खौफ का साम्राज्य
चंगेज खान की क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह केवल जीतता नहीं था, बल्कि दुश्मन का नामो-निशान मिटा देता था. जब चंगेज खान की सेना किसी शहर को जीतती थी, तो वे दहशत फैलाने के लिए मारे गए लोगों के कटे हुए सिरों से ऊंचे-ऊंचे मीनार और पिरामिड बनाते थे. यह आने वाले दुश्मनों के लिए एक सीधा संदेश था ‘सरेंडर करो नहीं तो खोपड़ियों के ढेर बन जाओ’.
एक बार एक शहर के शासक ने चंगेज खान के पोते की हत्या कर दी थी. गुस्से में पागल चंगेज ने उस पूरे शहर को डुबोने के लिए पास बहने वाली पूरी नदी का रुख ही मोड़ दिया. उसने उस जगह को दुनिया के नक्शे से ऐसे मिटाया कि आज भी उसका सही स्थान मिलना मुश्किल है.
मंगोलिया के उलानबातर के पूर्व में स्थित चंगेज खान की प्रतिमा
1.6 करोड़ वंशज
चंगेज खान ने न केवल जमीन जीती, बल्कि महिलाओं पर भी बेइंतहा जुल्म ढाए. जेनेटिक वैज्ञानिकों के एक चौंकाने वाले शोध के मुताबिक आज दुनिया भर में जीवित हर 200 में से 1 पुरुष चंगेज खान का सीधा वंशज है. ये इतिहास में किसी भी एक व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई सबसे बड़ी विरासत है, जो उसकी बर्बरता और युद्ध के दौरान महिलाओं के साथ किए गए व्यवहार की गवाह है.
मौत के बाद भी बना रहा रहस्य
चंगेज खान का खौफ उसकी मौत के बाद भी खत्म नहीं हुआ. वो चाहता था कि उसकी कब्र को कोई कभी न ढूंढ पाए, और इसके लिए उसने एक खौफनाक तरकीब निकाली. जब उसकी लाश को दफनाने ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में जो कोई भी उस शवयात्रा के सामने आया, उसे मार दिया गया. यहां तक कि जिन सैनिकों ने उसे दफनाया, उन्हें दूसरे सैनिकों ने मार दिया ताकि उसकी कब्र का राज हमेशा के लिए दफन रहे. आज तक दुनिया का कोई भी पुरातत्वविद उसकी असली कब्र का पता नहीं लगा पाया है.
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उत्कर्षा श्रीवास्तव डिजिटल जर्नलिस्ट हैं और जियो-पॉलिटिक्स टॉपिक्स पर लिखती हैं, वो वर्तमान में News18 Hindi के World सेक्शन में कार्यरत हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में 10+ वर्षों का अनुभव है, इस दौरान उन्होंने क…और पढ़ें
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