रिपोर्ट: शिवकांत आचार्य
Mauganj News: मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के सौदागरों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है. विनोद अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद मऊगंज पुलिस ने 350 फर्जी फर्मों, 20 लाख नशीली बोतलें और 12 राज्यों में फैले काले कारोबार का भंडाफोड़ किया. आरोपी ने ड्रग लाइसेंस की आड़ में देश के कई राज्यों में नशीली कफ सिरप की अवैध सप्लाई का जाल फैला रखा था. पुलिस ने उसकी 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है.
बताया जा रहा कि नशीली कफ सिरप के मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. इस पूरे मामले की कहानी 28 मार्च 2025 को शुरू होती है. जब मऊगंज के गाड़ा मोड़ से बिना नंबर वाली कार को पकड़ा गया. इसमें 2160 कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलें बरामद हुई थीं. इसकी कीमत करीब 4.21 लाख रुपये आंकी गई. मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें अमित सिंह, अमोल तिवारी और आशीष पटेल थे.
खुलने लगीं नशीले कारोबार की परतें
इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान वाहन मालिक अनिरुद्ध सिंह और सिंगरौली निवासी राहुल द्विवेदी का नाम सामने आए. जांच में पता चला कि राहुल द्विवेदी इस नेटवर्क की अहम कड़ी था और उसके तार मऊगंज, रीवा, सीधी, सिंगरौली से लेकर वाराणसी तक जुड़े हुए थे. आगे की जांच में सुमित केसरी नाम का डीलर सामने आया, जो फर्जी फर्मों के नाम पर बिलिंग कर नशीली कफ सिरप की सप्लाई करवाता था.
SIT बनी, कई राज्यों में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त 50 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई. टीम ने वाराणसी, कानपुर, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कई जगह छापेमारी की. जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क ड्रग लाइसेंस का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर नशीली कफ सिरप की सप्लाई कर रहा था.
350 से ज्यादा फर्जी फर्में
इस पूरे कांड का सरगना कानपुर निवासी विनोद अग्रवाल था. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ड्रग लाइसेंस की आड़ में 350 से ज्यादा फर्जी फर्में बनाईं. इन कंपनियों के जरिए 20 लाख से अधिक नशीली बोतलें दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में बेचीं. आरोपी पहले यूपी पुलिस की गिरफ्त में था और हरियाणा से पकड़ा गया था. बाद में मऊगंज पुलिस ने उसे कानपुर जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की.
नशीले करोबार पर बड़ा प्रहार…
विनोद पर मध्य प्रदेश में 10 हजार और उत्तर प्रदेश में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस ने उसके नेटवर्क की जड़ें खोद डालीं. मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने कहा, ”यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नशीले कारोबार पर बड़ा प्रहार है. फर्जी फर्मों और 12 राज्यों के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर कर दिया गया है. आगे और गिरफ्तारियां होंगी.”
आगे भी होती रहेगी कार्रवाई
आरोपी विनोद अग्रवाल की 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर फ्रीज कर दी गई है. इससे पहले वाराणसी कमिश्नरेट की सारनाथ पुलिस भी उसकी संपत्ति जब्त कर चुकी है. मऊगंज पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
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