गेहूं कटाई के बाद खेत में चलाएं ये मशीन, 1 घंटे में 10 क्विंटल भूसा, खरीदने की जरूरत नहीं

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Agriculture Machine: आज के दौर में खेती में मशीनों का खूब उपयोग हो रहा है. उन्हीं में से एक है स्ट्रॉ रीपर मशीन, जो किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो रही है. पहले किसान हार्वेस्टर से गेहूं की मड़ाई तो करवा लेते थे, लेकिन खेत में बची पराली को जला देते थे. लेकिन, इस मशीन के कारण ऐसी नौबत नहीं आएगी. जानें खासियत

Agriculture News: खेतों में गेहूं, चना, मसूर, सरसों और मटर की फसल की कटाई जारी है. जिन किसानों ने हार्वेस्टर से गेहूं कटवाया है, उनके खेतों में पराली बची रह जाती है. ज्यादातर किसान इस पराली को जला देते हैं, जो प्रदूषण का कारण बनती है. लेकिन, एक मशीन ऐसी भी है, जिसके उपयोग से किसान आसानी से कम खर्च में भूसा निकाल सकते हैं. इस भूसे को बेचने से दाम मिल जाते हैं और पराली जलाने की नौबत नहीं आती.

गेहूं और मटर के खेतों में चलती है ये मशीन
छतरपुर को इस मशीन को किराए पर देने वाले प्रहलाद सिंह बताते हैं कि स्ट्रॉ रीपर (Straw Reaper) मशीन गेहूं और मटर के खेतों में चलती है. फसल कटने के बाद इस मशीन को खेत में चलाया जाता है. हार्वेस्टर से कटाई होने वाले खेतों में स्ट्रॉ रीपर मशीन चलाकर भूसा निकाला जाता है. पहले किसान पराली जला देते थे, लेकिन अब इस मशीन से किसान भूसा निकलवा लेते हैं. इससे किसानों और मशीन मालिक दोनों का फायदा है. प्रहलाद बताते हैं कि लगभग 1 से डेढ़ घंटे में मशीन 1 टैंक भूसा निकालती है, जिसमें 10 क्विंटल भूसा होता है.

मशीन का किराया इतना
स्ट्रॉ रीपर मशीन मालिक प्रहलाद ने बताया कि दूरी के हिसाब से चार्ज लिया जाता है. खेत में भूसा डलवाने पर 2500 रुपये और दूर डलवाने पर अलग से चार्ज लिया जाता है. हाथ से कटाई करने में ज्यादा समय लगता है, जबकि मशीन से कटाई करने पर समय और पैसे दोनों की बचत होती है. एक दिन में ही अनाज और भूसा निकल आता है.

मशीन निकालती बारीक भूसा
प्रहलाद बताते हैं कि स्ट्रॉ रीपर मशीन का भूसा बहुत बारीक होता है. जैसे थ्रेसर का भूसा होता है. इसलिए पशु इसे खाना पसंद करते हैं. पहले किसान पराली जलाकर भूसा बर्बाद कर देते थे, लेकिन अब इस मशीन से भूसा निकालकर पशुओं के लिए उपयोग कर रहे हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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