डोनाल्ड ट्रंप ने लांघ दी लक्ष्मण रेखा, ईरान जंग में कूदेगा चीन? दुनिया में बढ़ गई बेचैनी

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ट्रंप ने लांघ दी लक्ष्मण रेखा, ईरान जंग में कूदेगा चीन? दुनिया में बढ़ी बेचैनी

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Iran-America War And China: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खर्ग द्वीप पर बमबारी की है. इससे वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है. खर्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है. यहां से सबसे अधिक तेल चीन जाता है. ऐसे में अमेरिका ने एक तरह से इस हमले के जरिए चीन को छेड़ दिया है. उसने एक अघोषित लक्ष्मण रेखा को लांघ दिया है. ऐसे में इस जंग का स्वरूप और भयावह हो सकता है.

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अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला कर एक तरह से ईरान जंग में चीन को घसीटने की कोशिश की है.

Iran-America War And China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध में लक्ष्मण रेखा लांघ दी है. शनिवार की सुबह ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘क्राउन ज्वेल’ खर्ग द्वीप पर सैन्य लक्ष्यों पर भारी बमबारी की है. ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी कार्रवाई बताया और दावा किया कि हर सैन्य लक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो गया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि द्वीप के तेल निर्यात सुविधाओं को जानबूझकर नहीं छुआ गया है, लेकिन यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकता रहा तो तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जाएगा. खर्ग द्वीप ईरान के तट से लगभग 25 किमी दूर स्थित एक छोटा सा कोरल द्वीप है. ईरान की अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. यहां से ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का 90 फीसदी हिस्सा लोड होता है. द्वीप पर रोजाना सात मिलियन बैरल तक तेल लोड करने की क्षमता है, जबकि स्टोरेज कैपेसिटी 30 मिलियन बैरल के आसपास है.

1960 के दशक में अमेरिकी कंपनी अमोको द्वारा विकसित यह द्वीप ईरान के मुख्य निर्यात केंद्र के रूप में काम करता आ रहा है. ईरान की उथली तटरेखा के कारण बड़े टैंकर मुख्य भूमि तक नहीं पहुंच सकते, इसलिए खर्ग ही एकमात्र विकल्प है. इस हमले ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खर्ग की तेल सुविधाएं क्षतिग्रस्त होतीं तो रोजाना डेढ़ से दो मिलियन बैरल तेल बाजार से गायब हो जाता, जिससे वैश्विक तेल कीमतें और आसमान छूतीं. पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से तेल आपूर्ति प्रभावित है और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं.

तेल की कीमतों में लगेगी आग

पिकरिंग एनर्जी पार्टनर्स के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर डैन पिकरिंग ने रॉयटर्स को बताया कि खर्ग से सप्लाई बाधित होती है तो दो मिलियन बैरल तेल गायब हो जाता. ईरान ने दावा किया है कि हमले के बाद द्वीप पर तेल संचालन फिर से शुरू हो गए हैं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. लेकिन ट्रंप की धमकी ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है. ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि उसके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होने पर वह खाड़ी देशों की तेल सुविधाओं पर हमला करेगा. इससे जंग और भड़क सकती है.

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