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Tips and Tricks : सोने की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की मांग बढ़ती जा रही है. इस दौर में भारी सोने के गहने खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं. ऐसे लोग बजट के अनुसार विकल्प तलाशते हैं. आर्टिफिशियल गहने इनके लिए शौक पूरा करने का साधन बनकर सामने आए हैं. हालांकि आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदने के लिए भी कुछ बातों का ध्यान रखें. लोकल 18 ने इस बारे में बागेश्वर के व्यापारी नीरज रावत से बात की.
बागेश्वर. बदलते समय के साथ लोगों की पसंद और जरूरतें भी बदल रही हैं. पहले जहां शादी-समारोह और खास मौकों पर असली सोने के गहने पहने जाते थे, अब आर्टिफिशियल ज्वेलरी तेजी से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. बाजार में मिलने वाली उच्च गुणवत्ता वाली नकली ज्वेलरी दिखने में ऐसी होती है कि पहली नजर में असली और नकली में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि लड़कियों से लेकर महिलाओं तक में इन्हें खूब पसंद किया जा रहा है. बागेश्वर के व्यापारी नीरज रावत बताते हैं कि आर्टिफिशियल ज्वेलरी को तांबे, पीतल या अन्य मिश्रित धातुओं पर सोने की पतली परत चढ़ाकर बनाई जाती है. इस प्रक्रिया को गोल्ड प्लेटिंग कहा जाता है. सही फिनिशिंग और डिजाइन के कारण इन गहनों की चमक और बनावट असली सोने जैसी नजर आती है.
ये डर भी नहीं
नीरज के मुताबिक, आर्टिफिशियल ज्वेलरी की बढ़ती मांग के पीछे सबसे बड़ा कारण सोने की लगातार बढ़ती कीमतें हैं. आज के समय में भारी सोने के गहने खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है. ऐसे में लोग बजट के अनुसार विकल्प तलाशते हैं, आर्टिफिशियल गहने एक बेहतर समाधान के रूप में सामने आते हैं. असली सोने के गहने पहनकर बाहर जाने में चोरी या लूट का डर भी बना रहता है, जबकि आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने में यह चिंता कम होती है.
बाजार में इन 5 का जादू
फैशन की दुनिया में तेजी से बदलते ट्रेंड भी इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. बाजार में कुंदन, राजवाड़ी, टेंपल, ऑक्सीडाइज्ड और इंडो-वेस्टर्न जैसे कई डिजाइन उपलब्ध हैं. इन गहनों को शादी, पार्टी या रोजमर्रा के पहनावे के साथ आसानी से मैच किया जा सकता है. कम कीमत होने के कारण लोग नए-नए डिजाइन आजमाने में भी हिचकिचाते नहीं हैं. हालांकि आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अच्छी गुणवत्ता वाले गहने आमतौर पर पीतल या तांबे की बेस मेटल से बने होते हैं, जो लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं. लोहे या अधिक निकल वाली ज्वेलरी से कुछ लोगों को त्वचा में एलर्जी या जलन की समस्या हो सकती है. इसलिए खरीदते समय मेटल की जानकारी जरूर लें.
इसका भी रखें ध्यान
नीरज बताते हैं कि 1 ग्राम गोल्ड या माइक्रोन प्लेटिंग वाली ज्वेलरी लेना बेहतर माना जाता है. इसमें सोने की परत थोड़ी मोटी होती है, जिससे गहनों की चमक लंबे समय तक बनी रहती है और जल्दी खराब होने की संभावना कम होती है. गहनों को पानी, परफ्यूम या केमिकल से दूर रखना भी जरूरी है, ताकि उनकी क्वालिटी बनी रहे. सही देखभाल और समझदारी से खरीदारी करने पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी फैशन और बजट दोनों के लिहाज से सही है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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