रीवा जिले के कटरा-मऊगंज मार्ग पर चक्काजाम करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने पूर्व और वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्षों समेत 38 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि 50 अन्य अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
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यह पूरा मामला देवलहा जलप्रपात में विवेक कुमार विश्वकर्मा नाम के एक गुमशुदा युवक का शव मिलने से शुरू हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण गुस्से में आ गए।
उन्होंने हत्या की आशंका और पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में 9 मार्च की शाम लालगंज तिराहे पर मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।
साढ़े चार घंटे तक बंद रहा था रास्ता
प्रदर्शन के कारण शाम 4 बजे से रात 8:30 बजे तक कटरा-मऊगंज मार्ग पूरी तरह बंद रहा था। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल रास्ता रोका, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की, जिससे सरकारी काम में बाधा आई।
कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मेश गौतम, वर्तमान जिलाध्यक्ष हरिलाल कोल और के.के. गुप्ता सहित कुल 38 लोगों को नामजद किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है, लेकिन इलाके में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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मऊगंज जिले के नईगढ़ी इलाके में स्थित देवलहा जलप्रपात में सोमवार को 16 साल के विवेक विश्वकर्मा का शव मिला। विवेक पिछले 14 दिनों से लापता था। शव मिलने के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और बदतमीजी का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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