ईरान वॉर के बीच स्टॉक मार्केट में हाहाकार, 1471 अंक गिरकर सेंसेक्स बंद, जानें कब-कब बड़ी गिरावट

Stock Market News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. भारी बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. S&P BSE Sensex 1,470.50 अंक गिरकर 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 488.05 अंक लुढ़ककर 23,151.10 के स्तर पर आ गया. सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और मेटल शेयरों पर देखने को मिला, क्योंकि सप्लाई सीमित होने और इनपुट लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

कब-कब आई ऐसी बड़ी गिरावट

ईरान युद्ध का असर
मिडिल ईस्ट में तनाव 28 मार्च से बढ़ना शुरू हुआ और तब से भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है. 27 फरवरी को S&P BSE Sensex 81,287 के स्तर पर था, जो अब गिरकर करीब 74,500 के आसपास आ गया है. यानी इस दौरान बाजार में करीब 6,787 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.

9 मार्च को ईरान से जुड़े तनाव के कारण सेंसेक्स इंट्राडे में करीब 2,500 अंक तक गिर गया था और लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,424 के स्तर पर पहुंच गया था. वहीं NSE Nifty 50 भी करीब 750 अंक टूटकर 23,697 के स्तर पर आ गया था.

अमेरिकी टैरिफ का असर
इससे पहले 7 अप्रैल 2025 को अमेरिका द्वारा ऊंचे टैरिफ लगाए जाने के बाद भी बाजार में भारी गिरावट देखी गई थी. उस दिन S&P BSE Sensex गिरकर 73,137.9 के स्तर तक पहुंच गया था.

ईरान वॉर के बीच स्टॉक मार्केट में हाहाकार, 1471 अंक गिरकर सेंसेक्स बंद, जानें कब-कब बड़ी गिरावट

2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे
लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आने के बाद भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी. उस समय सेंसेक्स करीब 5.74 प्रतिशत और NSE Nifty 50 लगभग 5.93 प्रतिशत तक गिर गया था. कुछ ही घंटों में निवेशकों के लगभग 31 लाख करोड़ रुपये डूब गए थे.

हिंडनबर्ग रिपोर्ट
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद भी भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई थी, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया था.

कोरोना महामारी का असर
23 मार्च 2020 को कोरोना महामारी के दौरान भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई थी. उस दिन S&P BSE Sensex 3,935 अंक यानी 13.15 प्रतिशत और NSE Nifty 50 1,135 अंक यानी 12.98 प्रतिशत गिर गया था. जनवरी से मार्च 2020 के बीच बाजार ने अपनी करीब 38 प्रतिशत वैल्यू खो दी थी.

नोटबंदी का असर
नवंबर 2016 में नोटबंदी के ऐलान के बाद भी बाजार में बड़ी गिरावट आई थी. 9 नवंबर 2016 को S&P BSE Sensex 1,689 अंक यानी 6.12 प्रतिशत गिरकर 26,902 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि NSE Nifty 50 541 अंक यानी 6.33 प्रतिशत गिरकर 8,002 के स्तर पर आ गया था. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने एक बार फिर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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