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Agriculture Tips: झारखंड बिहार में किसान सीजन के अनुसार सभी चीजों की खेती करते है. मार्च का महीना उड़द की खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद माना जाता है. उड़द की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है.
झारखंड बिहार में किसान सीजन के अनुसार सभी चीजों की खेती करते है. मार्च का महीना उड़द की खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद माना जाता है. उड़द की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है. यही वजह है कि गेहूं या रबी की फसल कटने के बाद खेत खाली रहने की बजाय किसान इसमें उड़द की बुआई कर सकते हैं.
कृषि वैज्ञानिक डॉ० अखिलेश शाह ने लोकल18 को बताया कि उड़द की खेती के लिए बलुई दोमट या दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. ऐसी मिट्टी में पानी का निकास अच्छा रहता है, जिससे पौधों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं. गर्म और हल्की नमी वाली जलवायु उड़द की अच्छी पैदावार के लिए अनुकूल होती है.
आगे कहा कि अच्छी पैदावार के लिए उन्नत किस्मों का चयन जरूरी है. किसान टी-9, पंत यू-19, पंत यू-30 और पीयू-31 जैसी किस्मों की बुआई कर सकते हैं. ये किस्में कम समय में तैयार होती हैं और रोगों के प्रति भी काफी हद तक सहनशील मानी जाती हैं.
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आगे कहा कि खेत को अच्छी तरह दो से तीन बार जोतकर भुरभुरा बना लें. इसके बाद पाटा चलाकर जमीन को समतल कर दें. बीज को लगभग 3 से 4 सेंटीमीटर गहराई में बोना चाहिए. पंक्ति से पंक्ति की दूरी करीब 25 से 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखना बेहतर माना जाता है.
उन्होंने कहा कि खेत की अंतिम जुताई के समय गोबर की सड़ी हुई खाद डालना लाभकारी होता है. इसके साथ ही आवश्यकता अनुसार नाइट्रोजन और फास्फोरस का प्रयोग किया जा सकता है. उड़द की फसल को अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन फूल और फल बनने के समय हल्की सिंचाई करने से पैदावार बेहतर होती है.
आगे कहा कि उड़द की फसल में पीला मोजेक रोग और कीटों का खतरा रहता है. इससे बचाव के लिए समय-समय पर खेत की निगरानी जरूरी है. जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से कीटनाशकों का छिड़काव करना चाहिए. स्वस्थ बीज और संतुलित खाद का उपयोग भी रोग से बचाव में मदद करता है.
उन्होंने कहा कि एक एकड़ में उड़द की खेती करने में लगभग 8 से 12 हजार रुपये तक की लागत आती है. इसमें बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई का खर्च शामिल होता है. कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल छोटे और मध्यम किसानों के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
उन्होंने कहा कि उड़द की फसल करीब 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है. एक एकड़ से औसतन 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. बाजार में उड़द की अच्छी कीमत मिलने पर किसान एक एकड़ में 20 से 30 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. इसलिए मार्च में उड़द की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है.
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