कपड़ा खरीदें, सिलवाएं और बेचें… भागलपुर में ऐसे शुरू करें गारमेंट बिजनेस

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बिहार का भागलपुर लंबे समय से अपने पारंपरिक वस्त्र उद्योग के लिए जाना जाता रहा है, खासकर यहां के सिल्क और कॉटन फैब्रिक की देशभर में अच्छी मांग है. अब यहां केवल कच्चे कपड़े की बिक्री ही नहीं, बल्कि कुर्ता, शर्ट, साड़ी, कुर्ती और दुपट्टा जैसे रेडीमेड परिधानों का निर्माण भी तेजी से बढ़ रहा है. स्थानीय बुनकरों और कुशल दर्जियों की मदद से करीब 5 लाख रुपये की पूंजी में इस कारोबार की शुरुआत की जा सकती है. बेहतर फिनिशिंग और गुणवत्ता के कारण यहां तैयार कपड़ों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह व्यवसाय नए उद्यमियों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाने का अवसर बनता जा रहा है. रिपोर्ट- सत्यम कुमार

बिहार का भागलपुर लंबे समय से अपने पारंपरिक वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा है. खासकर यहां के कपड़े की गुणवत्ता और फिनिशिंग को देशभर में पसंद किया जाता है. पहले यहां मुख्य रूप से थान (रॉ फैब्रिक) की बिक्री होती थी और लोग अपनी जरूरत के अनुसार कपड़े सिलवाते थे, लेकिन अब समय के साथ यहां तैयार कॉस्ट्यूम (रेडीमेड परिधान) का निर्माण भी बड़े पैमाने पर होने लगा है. ऐसे में कपड़ा कारोबार शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक बेहतर अवसर बन सकता है.

स्थानीय व्यवसायी हेमंत कुमार बताते हैं कि अब भागलपुर में केवल कच्चा कपड़ा ही नहीं, बल्कि कुर्ता, साड़ी, शर्ट, लेगिंग्स, कुर्ती, दुपट्टा समेत कई तरह के तैयार परिधान बनाए जा रहे हैं. यहां बने कपड़ों की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इनकी क्वालिटी और फिनिशिंग काफी बेहतर होती है.

व्यापार शुरू करने के तरीके पर हेमंत कुमार बताते हैं कि करीब 5 लाख रुपये की पूंजी से इस कारोबार की शुरुआत की जा सकती है. इसके लिए सबसे पहले किसी स्थानीय बुनकर से संपर्क कर थोक में कपड़ा खरीदा जा सकता है. इसके बाद किसी कुशल दर्जी से समझौता कर बल्क में सिलाई करवाई जा सकती है.

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जानकारी के अनुसार, शर्ट या कुर्ता जैसी ड्रेस की सिलाई लगभग 100 रुपये प्रति पीस में हो जाती है. इस तरह कम लागत में तैयार माल बनाकर उस पर अपना ब्रांड टैग लगाकर बाजार में बेचा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इस व्यवसाय में सबसे महत्वपूर्ण बात कपड़े की फिनिशिंग है. यदि अच्छा दर्जी मिल जाए तो उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी. भागलपुर में लीलन, कॉटन, सिल्क, मसराइज्ड और अन्य कई प्रकार के कपड़ों से कॉस्ट्यूम तैयार किए जाते हैं.

खासतौर पर लीलन और कॉटन के परिधान ग्राहकों के बीच अधिक लोकप्रिय माने जाते हैं. इसके अलावा यहां की पारंपरिक बंडी (जैकेट) का कारोबार भी किया जा सकता है.

थोक में कपड़ा खरीदने के लिए चंपानगर बुनकर क्षेत्र प्रमुख केंद्र है, जहां से बड़ी मात्रा में फैब्रिक उपलब्ध हो जाता है. कुल मिलाकर, बेहतर योजना, गुणवत्ता और मार्केटिंग के साथ भागलपुर का वस्त्र कारोबार नए उद्यमियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.

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