‘हमें भगा रहे’, केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भारी विरोध, किसानों ने रखी ये मांगें

Last Updated:

पन्ना और छतरपुर जिलों के बीच प्रस्तावित केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बन रहे ढोधन डैम सहित मझगाय, रुंझ डैम परियोजना में विस्थापन से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों का विरोध तेज हो गया है. बुधवार को पन्ना जिले के करीब कई गांवों के सैकड़ों किसान पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

Zoom

केन-बेतवा लिंक परियोजना का किसानों ने किया विरोध

रिपोर्ट-आचार्य शिवकांत

पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रुंझ डैम परियोजना को लेकर विस्थापित किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. जिले के कई गांवों के सैकड़ों किसान बुधवार को पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए घेराव किया. किसानों का आरोप है कि उनकी पैतृक जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया गया. लेकिन उचित मुआवजा और पैकेज नहीं दिया गया. साथ ही विस्थापन नीति और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है. किसानों ने सही कार्रवाही और उचित मुआवजे की मांग की है. किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.

परियोजना से प्रभावित महिला ने बताई दुखभरी कहानी
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित महिला अयोध्या रानी ने कहा कि हमें घर बना कर दें. हमें हमारा हक दें. हमारी मदद होनी चाहिए. ये हमें चार साल से भगा रहे हैं. हम कहां सोएंगे. हमारे बच्चे कहां रहेंगे. हम अब हटेंगे नहीं, अगर हमें मारना है, तो घर में ही मार डालें. लेकिन हम यहां से हटेंगे नहीं. हम खमरी गांव से आए हैं.

जय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमित भटनागर ने कहा कि प्रशासन की तानाशाही की वजह से हजारों किसानों का भविष्य बर्बादी की कगार पर है. ये जो बांध बन रहे हैं. कानून का पालन नहीं हो रहा है. लोगों को मकान गिराए जा रहे हैं. मनमानी के खिलाफ लोगों में आक्रोश था. कलेक्टर महोदय से बात हुई है, जो भी कागज वह हमें देंगे. उसके बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे.

किसानों ने मुआवजे को लेकर लगाए लापरवाही के आरोप
किसानों का कहना है कि उनकी पैतृक जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन मुआवजा उचित दर पर नहीं दिया गया. वहीं प्रति वोटर पैकेज में भी भेदभाव और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. ग्रामसभा के प्रस्तावों को दरकिनार किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि ग्राम सभा की प्रक्रिया कब हुई और कैसे भूमि अधिग्रहण का फैसला लिया गया. इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उचित मुआवजा, सही पैकेज और भूअर्जन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *