Iran का बड़ा फैसला: अमेरिकी हमले के विरोध में Football World Cup में नहीं लेगी हिस्सा

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अब इसका असर खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए वह आगामी विश्व फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकता।
मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान के खेल मंत्री अहमद दुनियामाली ने सरकारी प्रसारण माध्यम से बातचीत में कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ऐसी स्थिति बन गई है कि ईरान की टीम का इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना संभव नहीं है।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने करीब दो सप्ताह पहले ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है। गौरतलब है कि ईरान के खेल मंत्री ने कहा कि जिस देश ने हमारे नेता की हत्या की है, उसके बीच आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेना किसी भी परिस्थिति में संभव नहीं है।
मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में देश के नागरिक सुरक्षित नहीं हैं और ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को विदेश भेजना भी उचित नहीं माना जा सकता। बता दें कि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में ईरान पर दो बड़े युद्ध थोपे गए हैं जिनमें हजारों लोगों की मौत हुई है।
गौरतलब है कि ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि के अनुसार अट्ठाईस फरवरी से शुरू हुए हमलों के बाद अब तक देश में तेरह सौ से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। मौजूद जानकारी के अनुसार अगले वर्ष होने वाली विश्व फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में किया जाना तय है और यह प्रतियोगिता ग्यारह जून से उन्नीस जुलाई तक आयोजित होगी।
बता दें कि पिछले वर्ष एशियाई क्वालीफाइंग दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान ने इस प्रतियोगिता के लिए जगह बनाई थी।
गौरतलब है कि प्रतियोगिता के लिए हुए ड्रॉ में ईरान को बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ एक ही समूह में रखा गया था। इस समूह के सभी मुकाबले अमेरिका के शहरों में खेले जाने थे जिनमें दो मुकाबले लॉस एंजेलिस और एक मुकाबला सिएटल में निर्धारित था।
मौजूद जानकारी के अनुसार हाल ही में प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर आयोजित एक बैठक में ईरान की फुटबॉल टीम शामिल नहीं हुई थी, जिससे इस फैसले की अटकलें और तेज हो गई थीं।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ के नियमों के अनुसार यदि कोई टीम प्रतियोगिता से तीस दिन पहले नाम वापस लेती है तो उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि ऐसे मामलों में संबंधित देश के फुटबॉल संघ को भविष्य की प्रतियोगिताओं से बाहर करने या उसकी जगह किसी अन्य देश की टीम को शामिल करने का भी प्रावधान मौजूद है।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष जियानी इन्फांतिनो ने कहा कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की है और उन्होंने ईरान की टीम का स्वागत करने की बात कही है।

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