राजगढ़ में बाबा बदख्शानी दरगाह पर 112वें सालाना उर्स की शुरुआत 10 मार्च की रात परंपरागत ग़ुस्ल की रस्म के साथ हुई। इस अवसर पर दरगाह परिसर में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ग़ुस्ल की रस्म के बाद फ़ातेहा पढ़ी गई और देश-प्रदेश में अमन-च
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उर्स के दौरान दरगाह परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कव्वाली का दौर भी शुरू हो गया है। देर रात तक सूफियाना कलाम पेश किए जा रहे हैं, जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह में मौजूद रहते हैं। उर्स के चलते शहर में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है।
मेले में 1000 दुकानें लगी
उर्स के साथ ही दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में मेला भी सजने लगा है। दुकानदार पहुंचने लगे हैं और दुकानों का लगना शुरू हो गया है। एक-दो दिनों में मेला पूरी तरह सज जाएगा। मेले में फैंसी आइटम, क्रोकरी, कपड़े, बर्तन, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, फर्नीचर और लकड़ी-लोहे के घरेलू उपयोग के सामान की दुकानें लगाई जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार मेले में करीब 1000 से अधिक दुकानें लगने की संभावना है।
100 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
उर्स मेले में आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र और दरगाह परिसर में करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा के लिए अस्थायी पुलिस चौकी
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। यहां पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लगातार तैनात रहकर निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रवेश और निकास द्वारों पर भी पुलिसकर्मी मौजूद हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
उर्स मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पार्किंग और यातायात की व्यवस्था भी की है। दरगाह के मुख्य मार्ग पर आम वाहनों का प्रवेश सीमित रखा गया है, जबकि बस स्टैंड की ओर पार्किंग की सुविधा दी गई है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में अन्य स्थानों को भी वैकल्पिक पार्किंग के रूप में उपयोग किया जाएगा।
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